ACS Health ने दिए निर्देश... डेथ ऑडिट कमेटी की जांच के बाद ही होगी हीट स्ट्रॉक से मौतों की रिपोर्टिंग

तीन दिन में व्यवस्थाएं सुचारू करने के निर्देश, शिकायत मिली तो होगा सख्त एक्शन

ACS Health ने दिए निर्देश... डेथ ऑडिट कमेटी की जांच के बाद ही होगी हीट स्ट्रॉक से मौतों की रिपोर्टिंग

बैठक में अवगत कराया गया कि पाली जिले के देसूरी ब्लॉक के गुडा मंगलियान गांव में मां-बेटे की मृत्यु भीषण गर्मी के कारण नहीं हुई है।

जयपुर। चिकित्सा संस्थानों में होने वाली मौतों की अब डेथ ऑडिट कमेटी द्वारा प्रोटोकॉल के अनुसार जांच की जाएगी। इसके बाद ही हीट स्ट्रोक से होने वाली मौतों की आईएचआईपी पोर्टल पर रिपोर्टिंग की जाएगी। इस संबंध में चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त तुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने चिकित्सा अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी रोगी के मृत्यु के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए डेथ ऑडिट कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही यह घोषित किया जाए कि मौत का कारण हीट स्ट्रोक है। 

सिंह स्वास्थ्य भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मौसमी बीमारियों एवं हीटवेव प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हीटवेव को लेकर राजस्थान रेड अलर्ट श्रेणी में है और मौसम विभाग ने आगामी समय में भी अत्यधिक गर्मी एवं लू की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रदेश का समस्त चिकित्सा प्रबंधन संवेदनशीलता के साथ हीटवेव से बचाव एवं उपचार की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। अस्पतालों में कूलर, पंखे, एसी, वाटर कूलर आदि आवश्यक रूप से चालू रहें। जहां भी हीटवेव को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं में गेप है, वहां तीन दिन के अंदर सम्पूर्ण व्यवस्थाएं सुचारू करें अन्यथा जिम्मेदार अधिकारी और कार्मिक के विरुद्ध सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने संयुक्त निदेशक जोन को निर्देश दिए कि मौसमी बीमारियों एवं हीटवेव संबंधी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं। एसीएस ने निर्देश दिए कि तात्कालिक आवश्यकताओं को देखते हुए आरएमआरएस की बैठक कर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। 

नोडल अधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक करें
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मौसमी बीमारियों की जिलेवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि डेंगू, मलेरिया आदि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एन्टीलार्वा एवं सोर्स रिडक्शन सहित अन्य गतिविधियां सघनता के साथ की जाएं। जहां भी केस सामने आए, वहां इन गतिविधियों को बढ़ाया जाए एवं प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जाए। रोकथाम गतिविधियों को लेकर स्थानीय निकाय विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक की जाए।

पाली में मां-बेटे की मौत हीट स्ट्रोक के कारण नहीं
बैठक में अवगत कराया गया कि पाली जिले के देसूरी ब्लॉक के गुडा मंगलियान गांव में मां-बेटे की मृत्यु भीषण गर्मी के कारण नहीं हुई है। गांव के 38 वर्षीय समन्दर सिंह घर पर सो रहे थे। शरीर में हलचल नहीं देखकर परिवार वाले उन्हें सादड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए, जहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए भी मना कर दिया। मृतक में हीट स्ट्रोक से संबंधित कोई लक्षण नहीं पाया गया था। इसी प्रकार समन्दर सिंह की 80 वर्षीय मां राजू कंवर पहले से ही हृदय रोगी थी। उन्हें सांस लेने में परेशानी और छाती में दर्द की शिकायत के बाद 23 मई को सादड़ी के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उनकी 24 मई को उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मृत्यु का कारण चिकित्सक दल ने हृदय गति रूकना बताया है। उनकी मृत्यु भी हीट स्ट्रोक के कारण नहीं पाई गई।

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