चीन में कोरोना के 2,830 नए मामले: चीन की आर्थिक राजधानी में लगे लॉकडाउन ने बढ़ाई चिंता

ग्लोबल सप्लाई चेन पर हो रहा असर

चीन में कोरोना के 2,830 नए मामले: चीन की आर्थिक राजधानी में लगे लॉकडाउन ने बढ़ाई चिंता

शंघाई में नई कोविड लहर के कारण सात और लोगों की मौत हो गई है।

बीजिंग। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की जन्मस्थली चीन में इस संक्रमण के 2,830  नए मामले दर्ज किए गए हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने गुरुवार को बताया कि देश में बुधवार को कोविड-19 के 2,830 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 2,634 में सामने आए हैं।

ग्लोबल सप्लाई चेन पर हो रहा असर
चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई में कोरोना ने एक बार फिर पैर पसार लिए हैं। ऐसे में पूरी दुनिया में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। शंघाई में पिछले एक महीने से लॉकडाउन लगा हुआ है। जहां सड़कों से ट्रैफिक नदारद है, वहीं दूसरी तरफ  पूर्वी चीन सागर में ट्रैफिक जाम लगा हुआ है।

7 लोगों की मौत
शंघाई में नई कोविड लहर के कारण सात और लोगों की मौत हो गई है। इस तरह दो दिन में कोरोना से मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। चीन में संक्रमण से अब तक 4,648 लोगों की मौत हो चुकी है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 21,400 नए मामले सामने आए। इनमें अधिकतर मामले शंघाई में दर्ज हुए। 24 घंटे में स्थानीय स्तर पर संक्रमण के 3,297 नए मामले सामने में आए। जिसमें से 3,084 नए मरीज शंघाई में मिले।

सुस्त होगी देश की आर्थिक रफ्तार
समुद्र में लगे इस ट्रैफिक जाम से ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ रहा है। क्योंकि शंघाई का बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है। वहीं शंघाई चीन के साथ दुनिया के अन्य देशों के आर्थिक कारोबार के लिए भी काफी महत्व रखता है। चीन के इलेक्ट्रिक कार मार्कर एक्सपेंग ने कहा कि अगर शंघाई और आसपास के इलाकों में सप्लायर्स फिर से काम शुरू नहीं कर सकते हैं तो वाहन निर्माताओं को अगले महीने प्रोडक्शन रोकना पड़ेगा।

बंदरगाह में खड़े दिख रहे जहाज
लॉकडाउन के चलते पूरे शंघाई में आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद हो गई हैं। इसका सबसे बुरा असर शंघाई बंदरगाह पर देखने को मिल रहा है। यहां बड़ी संख्या में मालवाहक जहाज खड़े होने के कारण ट्रैफिक जाम लग गया है। बंदरगाह से कई किलोमीटर दूर समुद्र में भी जहाज खडेÞ नजर आ रहे हैं। माल उतारने और चढ़ाने की इजाजत न होने के कारण जहाज के कू्र भी समुद्र में फंसे हुए हैं। कई जहाजों पर तो खाने-पीने और दैनिक जरूरतों की चीजों की भी कमी होने लगी है। सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरों में शंघाई बंदरगाह पर जहाजों की उपस्थिति को दिखाया जा रहा है।

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