आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश, फसलों को नुकसान

आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश, फसलों को नुकसान

बारां शहर में शुक्रवार को सुबह आठ बजे के लगभग मध्यम बारिश शुरू हुई, जो लगभग आधे घंटे तक चली। इसके बाद दिनभर बादल छाए रहे। शाम को करीब साढे 6 बजे के लगभग बिजली की गडगडाहट के साथ आधे घंटे तक बारिश हुई।

बारांबारां शहर में शुक्रवार को सुबह आठ बजे के लगभग मध्यम बारिश शुरू हुई, जो लगभग आधे घंटे तक चली। इसके बाद दिनभर बादल छाए रहे। शाम को करीब साढे 6 बजे के लगभग बिजली की गडगडाहट के साथ आधे घंटे तक बारिश हुई। बारिश कर पानी सडकों पर बह निकला। हालांकि बारिश से मंडी में शिवरात्रि की छुटटी होने के कारण खुले आसमान के नीचे किसानों व व़्यापारियों का माल पडा नहीं होने और व्यापारियों द्वारा अपनी जिंस को सुरक्षित करने के कारण किसी प्रकार का कोई खास नुकसान किसानों व व्यापारियों को नहीं झेलना पडा। बारिश से मौसम में ठंडक घुल गई।

किसान बजरंगलाल मीणा, सत्यनारायण सिंह व कृष्णमुरारी नागर ने बताया कि बारिश से सभी फसलों में नुकसान है। धनिये की फसल में लगभग 70 से 80 प्रतिशत इस बारिश से नुकसान हैं। वहीं गेहूं की फसल का कलर फेट होने की संभावना है। कई किसानों की सरसों खेतों में कटी पडी है तो उन्हें भी नुकसान होने की पूरी संभावना है। गेहूं और चने की फसल में इस बारिश में ज्यादा नुकसान हुआ है।  इससे मौसम में ठंडक एक बार फिर से बढ़ गई तो वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं के दौर से किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं चना धनिया की फसलें आडी पड़ गई तो कई किसानों की फसलें पककर खेतों में कटी पड़ी थी जो बारिश की चपेट में आने से खराब हो गई है। ऐसे में किसान चिंतित और मायूस दिखाई दे रहा है।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

एनआईए ने केरल , कर्नाटक में 3 जगहों पर मारे छापे एनआईए ने केरल , कर्नाटक में 3 जगहों पर मारे छापे
एनआईए सूत्रों ने कहा कि यह मामला पीएफआई के कार्यकर्ताओं, सदस्यों और पदाधिकारियों द्वारा रची गई आपराधिक साजिश से संबंधित...
चीन मुद्दे पर बहस से भाग रही है सरकार : कांग्रेस
चार राज्यों की नयी जातियों को मिलेगा एसटी का दर्जा
आगामी बजट को लेकर गहलोत ने किया किसान प्रतिनिधियों के साथ संवाद
अजय देवगन ने काजोल की फिल्म सलाम वेंकी की तारीफ की
क्या राहुल गांधी के पास जवाब है कि रामनवमी और हिंदू नववर्ष पर कांग्रेस की सरकार ने प्रतिबंध क्यों लगाया: डॉ. पूनियां
कोटा के विकास कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले हैं