प्रशासन संग अभियान का फ्लॉप शो जारी : अभियान नहीं आ रहा पटरी पर, अब तक शहरों में 70 हजार पट्टे ही बंट सके

प्रशासन संग अभियान का फ्लॉप शो जारी : अभियान नहीं आ रहा पटरी पर, अब तक शहरों में 70 हजार पट्टे ही बंट सके

नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं सहित 213 निकायों ने 38 हजार 340 पट्टे दिए है।

जयपुर। मुख्यमंत्री की नाराजगी और लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही करने के बाद भी प्रशासन शहरों के संग अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है। अभियान में अब तक 70 हजार पट्टे ही दिए जा सकें है। दरअसल, प्रदेशभर के सभी निकायों ने 15 नवम्बर तक 70 हजार 355 पट्टे वितरीत किए हैं। इसमें नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं सहित 213 निकायों ने 38 हजार 340 पट्टे दिए है। इसी तरह प्रदेश के प्राधिकरण व UIT सहित 17 निकायों ने अब तक 32 हजार 15 पट्टे बांटे है।  213 निकायों का पट्टे जारी करने में 54.49% योगदान रहा, जबकि 17 निकायों का योगदान 45.50% रहा है।

अनुशासनात्मक कार्रवाई के दिए अधिकार
प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत नाम हस्तांतरण, पट्टा जारी करने, भवन निर्माण अनुमति, भवन उप विभाजन/पुनर्गठन सहित अन्य मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर अब सीधे ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित जिला कलेक्टर और निकाय के आयुक्त कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई कर सकेंगे। स्वायत्त शासन विभाग ने  अभियान में होने वाले कार्यों के सुचारू संचालन के लिए राजस्थान सिविल सेवा नियम, 1958 के नियम 15 के उप-नियम (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला कलेक्टर और स्थानीय निकाय विभाग के क्षेत्रीय उपनिदेशक को उनके क्षेत्राधिकार में कार्यरत नगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने पर कार्रवाई करने की शक्तियां प्रदान की है। राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 17 के अधीन लघु शास्तियां (अधिकतम दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने तक) अधिरोपित करने के लिए सशक्त किया गया है।

69 ए के आवेदन नहीं आए

पुरानी आबादी में पट्टे देने के लिए धारा 69ए जोड़ी गई है, जिसमें 501 रुपए में पट्टा दिया जा रहा है। इसका प्रचार प्रसार नहीं होने के कारण निकायों को आवेदन नहीं मिल रहे है। अब सफाई कर्मचारियों को घर घर जागरूकता की जिम्मेदारी दी गई है।

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