उदयपुर-डूंगरपुर को जोड़ने वाले पुल का 33 मीटर हिस्सा ढहा

दोपहर में पुल के पांच ब्लॉक टूटे, जनहानि नहीं

उदयपुर-डूंगरपुर को जोड़ने वाले पुल का 33 मीटर हिस्सा ढहा

25 जनवरी 2013 में तत्कालीन पंचायती राज एवं जनजाति मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने इस पुल के लिए 432 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की थी। पुल का धूमधाम से शिलान्यास हुआ तो लोगों को लगा कि अब संगमेश्वर महादेव मंदिर जाने में आसानी हो सकेगी लेकिन पुल निर्माण कागजों में दबकर रह गया।

न्यूज सर्विस/नवज्योति, सेमारी। उदयपुर जिले में रठौड़ा गांव के समीप सोम नदी पर भौराई गढ़ के पास उदयपुर व डूंगरपुर जिले को जोड़ने के लिए 30 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे संगमेश्वर महादेव पुल का साढ़े तैतीस मीटर का हिस्सा सोमवार दोपहर को ढह गया। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। पुल का जो हिस्सा गिरा वह डूंगरपुर जिले की सीमा में आ रहा है। सूचना पर सेमारी के तहसीलदार पीरूलाल जीनगर एवं थानाधिकारी दौलतसिंह ने मौके पर पहुंच जायजा लिया। 
पुल निर्माण पूर्ण होने के करीब था, इसी दौरान यह हादसा होने से इस निर्माण की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लग गया है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि पुल के इस ब्लॉक के नीचे लकड़ी के जो गट्टे लगाए गए थे, उनको झटके से हटाने के कारण यह घटना हुई। 16 मीटर चौड़ा व तैतीस मीटर लंबे पुल के पांच ब्लॉक ढह गए। उल्लेखनीय है कि 25 जनवरी 2013 में तत्कालीन पंचायती राज एवं जनजाति मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने इस पुल के लिए 432 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की थी। पुल का धूमधाम से शिलान्यास हुआ तो लोगों को लगा कि अब संगमेश्वर महादेव मंदिर जाने में आसानी हो सकेगी लेकिन पुल निर्माण कागजों में दबकर रह गया। वर्ष 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संगमेश्वर पुल निर्माण को लेकर करीब 24 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर शिलान्यास किया परंतु पुल का निर्माण नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुल निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है।

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