बाड़ाबंदी की तैयारी : कड़े मुकाबले में फंसी 50 सीटों को लेकर बनी रणनीति

दोनों दलों में आलाकमान स्तर पर की जा रही है मॉनिटरिंग

बाड़ाबंदी की तैयारी : कड़े मुकाबले में फंसी 50 सीटों को लेकर बनी रणनीति

जीतने वाले प्रत्याशियों को लाने के लिए हेलीकॉप्टर-चार्टर तैयार

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनावों के एक्जिट पोल ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की ही टेंशन बढ़ा दी है। वजह ये कि अलग-अलग आए एक्जिट पोल ने दोनों दलों की स्थिति को उलझा दिया है और ऐसा लगता है कि नतीजे कुछ भी हो सकते हैं। माना जा रहा है कि प्रदेश में लगभग 50 सीटें ऐसी हैं, जो बहुत ही नजदीकी मुकाबले में फंसी हुई हैं। लिहाजा, अब आगे की रणनीति को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने सीक्रेट प्लान तैयार किए हैं। प्लान के तहत जिताऊ कंडीडेट से लगातार संपर्क साधा जा रहा है। दोनों ही दलों के आलाकमान के स्तर पर भी इसकी लगातार मॉनिटरिंग हो रही है और जयपुर एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर और चार्टर प्लेन तैयार कर लिए गए हैं।

प्लान-A
तीन दिसंबर को चुनाव परिणामों के रुझानों में अगर किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता दिखा तो सीक्रेट प्लान एक के तहत चार्टर प्लेन बागियों, निर्दलीयों और अन्य पार्टियों के जीतने वालों को लेने के लिए जयपुर से उड़ान भरेंगे। इन्हें जयपुर में एकत्रित करने के बाद फ्लाइट के जरिए दूसरे राज्यों में बाड़ाबंदी के लिए भेजा जा सकता है। भाजपा गुजरात और कांग्रेस कर्नाटक ले जा सकती है।

प्लान-B
चुनाव परिणामों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद भी भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां निर्दलीयों को अपने साथ लेंगी। इसके लिए परिणामों से पहले ही उनको बातचीत के दौरान आश्वस्त किया जा रहा है। बहुमत के आंकडेÞ के अनुसार नेता का चुनाव होने तक सभी को एक जगह एकत्रित कर रखा जाएगा।

तीन चोपर पहले से खड़े चार चार्टर और पहुंचे
सांगानेर एयरपोर्ट पर तीन चोपर मतदान के बाद से ही खड़े हैं। इसके अलावा शुक्रवार को चार चार्टर एयरपोर्ट पर और पहुंचे हैं। चुनावों के दौरान पार्टियों ने जिन हेलीकॉप्टर और चार्टर प्लेन का इस्तेमाल किया है। उन कंपनियों से जरूरत के हिसाब से अर्जेंट व्यवस्था के लिए भी संपर्क किया गया है।

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तेलंगाना, मध्यप्रदेश और  छत्तीसगढ़ का भी प्लान
कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने तेलंगाना, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार के दौरान जो चोपर इस्तेमाल किए थे। उनमें से भी अब एक-दूसरे राज्य के लिए जरूरत पड़ने पर उपयोग किए जाएंगे। तेलंगाना में दस चार्टर चुनाव में लिए गए थे, जिनमें से अब शनिवार को राज्यवार प्लान के तहत राजस्थान भी भेजे जा सकेते हैं।

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इन पर नजर
    मेवाड़: बाप और निर्दलीय काफी प्रभावी है। डूंगरपुर में दो सीटों पर बाप आगे है और दो मुकाबले में हैं। उदयपुर में तीन सीटें मुकाबले हैं। चित्तौड़गढ़ में एक निर्दलीय संभावित है। बांसवाड़ा में एक पर बाप और एक सीट पर कड़ी टक्कर है। प्रतापगढ़ में बाप के कारण दोनों सीटें फंसी है।
    मारवाड़: नागौर जिले में एक पर आरएलपी आगे है और एक में मुकाबला हैं। जोधपुर में दो, बाड़मेर में तीन, पाली में एक, जालौर में तीन नजदीकी मुकाबले है।
   
हाड़ौती: कोटा में दो, बारां में एक और बूंदी में दो नजदीकी मुकाबले वाली सीटें हैं।

शेखावाटी: सीकर में क्लॉज फाइट वाली तीन, झुंझुनूं में दो और चूरू में दो सीटें मुकाबले में हैं।
गंगानगर व हनुमानगढ़ में तीन निर्दलीय दोनों दलों के नाक में दम किए हुए हैं, जबकि तीन सीटें कडेÞ मुकाबले वाली हैं।

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बृज-मेवात: भरतपुर में दो, करौली में दो और अलवर में पांच सीटें कडेÞ मुकाबले में फंसी हुई है।
 

ढूंढाड़: जयपुर में पांच और दौसा में दो सीटें फंसी हुई हैं। अजमेर में दो से तीन सीटें, जबकि भीलवाड़ा में अन्य भी बाजी मार सकते हैं। सवाई माधोपुर में एक सीट मुकाबले में फंसी हैंं।

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