BJP ने ममता बनर्जी पर लगाया संदेशखाली के आरोपी को बचाने का आरोप

संदेशखाली का मुद्दा दिन-प्रतिदिन गंभीर होता जा रहा है: रविशंकर प्रसाद

BJP ने ममता बनर्जी पर लगाया संदेशखाली के आरोपी को बचाने का आरोप

रविशंकर ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के साफ और सख्त निर्देश हैं कि महिलाओं के साथ यौन शोषण के मामले में कार्रवाई कुछ खास मानदंडों के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन एसआईटी जनता से बार-बार यही प्रश्न पूछ रही है कि क्या, कब और कैसे हुआ।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर संदेशखाली की घटना के आरोपी को बचाने का बुधवार को आरोप लगाया और पूछा कि बनर्जी आखिर क्या छिपाना चाहती हैं।  भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ये आरोप लगाया।

प्रसाद ने बनर्जी और इंडी समूह के अन्य दलों पर संदेशखाली में हुए महिलाओं पर अत्याचार पर चुप्पी साधे रहने के लिए निशाना साधा। साथ ही उन्होंने सवाल किये कि आखिर इस मामले में वह शाहजहां शेख का बचाव क्यों कर रही हैं। इसके साथ उन्होंने कांग्रेस सांसद गांधी द्वारा उत्तर प्रदेश के युवाओं के बारे की गई टिप्पणी पर हमला किया।

भाजपा सांसद ने कहा कि संदेशखाली का मुद्दा दिन-प्रतिदिन गंभीर होता जा रहा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए पूछा है कि आरोपी शाहजहां शेख को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है और इस समस्या की शुरुआत शाहजहां के यहां प्रवर्तन निदेशालय के छापे मारने के जाने के बाद से ही शुरू हुई है, लेकिन उसके बाद सामने आए तथ्य किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक होने के साथ-साथ यह निकृष्टता की पराकाष्ठा है। इस पर प्रश्न ये भी उठता है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री अब भी इस पर शाहजहां शेख का बचाव क्यों कर रही हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने नेता प्रतिपक्ष शुवेंदु अधिकारी को संदेशखाली जाने नहीं दिया तो फिर उच्च न्यायालय का आदेश लेकर वे वहां गए। वहां पहुंचने पर महिलाओं ने विलाप करते हुए अपनी आपबीती बताई। दिल्ली से गई महिला पत्रकारों को भी उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। 

प्रसाद ने संदेशखाली मुद्दे को जनता और देश के सामने रखने के लिए मीडियाबंधुओं का अभिनंदन किया। पश्चिम बंगाल सरकार के अत्याचार की जड़ें खोदने के लिए एक पत्रकार को गिरफ्तार तक कर लिया गया। इस सब प्रश्न यही उठता है कि बनर्जी क्या छिपाना चाहती हैं और क्यों? मात्र अपनी राजनीतिक साख को बचाने के लिए एक महिला मुख्यमंत्री महिलाओं की अस्मिता और इज्जत को दांव पर लगा रही है। मुख्यमंत्री का जमीर मर चुका है। जब बनर्जी ने माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया था और अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठी थी तो सबने संघर्ष की तारीफ की, लेकिन आज उनके राज में ही अत्याचार और पुलिस का दमन माकपा के राज से भी आगे निकल गया है।

प्रसाद ने संदेशखाली की महिलाओं का साहस दिखाने के लिए अभिनंदन करते हुए कहा कि कोलकाता से मात्र 75 से 80 किलोमीटर दूर ये सब हुआ है। लोगों की जमीन छीन ली गई, खेतों में पानी छोड़ कर वहीं मछली पालने के लिए विवश किया गया, जमीनों पर कब्जा कर लिया और महिलाओं की आबरू लूटी गई। इस सबके के बीच प्रश्न ये भी है कि ममता सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) आखिर वहां क्या सवाल पूछ रही है और क्या कार्रवाई कर रही है। उच्चतम न्यायालय के साफ और सख्त निर्देश हैं कि महिलाओं के साथ यौन शोषण के मामले में कार्रवाई कुछ खास मानदंडों के अनुसार होनी चाहिए, लेकिन एसआईटी जनता से बार-बार यही प्रश्न पूछ रही है कि क्या, कब और कैसे हुआ। एसआईटी कार्रवाई नहीं अपितु उन महिलाओं और पीड़तिाओं को और बेइज्जत कर रही है ताकि उनका मनोबल टूट जाए। उन्होंने भाजपा की ओर से राष्ट्रीय मंच इस तरह की कार्रवाई की भत्र्सना की। बनर्जी को इस सबका जवाब देना होगा और आगामी चुनाव में जनता ममता बनर्जी को इसका राजनीतिक उत्तर देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा वहां डटे कार्यकर्ताओं का बहुत सम्मान करती है और पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। 

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प्रसाद ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संदेशखाली अत्याचार पर पूरी विपक्ष खामोश हैं और चुप्पी साधे बैठी हैं। कल माकपा की एक नेत्री वहां गई हैं परन्तु माकपा ने अब तक इसका औपचारिक विरोध नहीं किया है। इस पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। हर विषय पर अपनी राय देने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज खामोश हैं। चंडीगढ़ प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के आदेश का भाजपा सम्मान करती है और इस प्रकरण पर हर नेता ने अपनी टिप्पणी की है लेकिन संदेशखाली में सैकड़ों माताओं और बहनों की इज्जत लुटने पर सब खामोश हैं। विपक्ष हमेशा भाजपा के अलोकतांत्रिक होने का राग आलापता रहता है और कहते भाजपा में लोग सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन आज आपके राज में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। सरकार की पुलिसिया ताकत से उनका दमन किया जा रहा है।

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प्रसाद ने कहा कि संदेशखाली में हाल में हुई घटना पर गांधी, सोनिया गांधी, बनर्जी, वामपंथी और महान विभूति अरविंद केजरीवाल खामोश हैं जो उनके दोहरे मानदंड को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक मात्र ऐसी पार्टी है जो नारी का सम्मान करती है, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती है और उस पर काम पर भी करके दिखती है, लेकिन विपक्ष द्वारा इनकी सुरक्षा करने की बात तो दूर एक टिप्पणी भी इनके द्वारा संदेशखाली में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर नहीं की गई है। 

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भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा इंडी समूह के सभी बिखरे हुए नेताओं से सवाल करना कहती है कि आप लोग क्यों खामोश हैं? क्या संदेशखाली की माताएं और बहनों की सुरक्षा और इज्जत आपके लिए कोई मायने नहीं रखती? वहीं उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियां वोट बैंक की रजनीति के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है, फिर चाहे वह तीन तलाक की बात हो सभी विपक्षी पार्टियों ने मिलकर इसका विरोध किया था। इसलिए जब भी वोट का समय आएगा तब महिला की इज्जत की भी तिलांजलि दे दी जाएगी, फिर चाहे उसे तीन बार तलाक बोल कर घर से निकाल दिया जाए या फिर संदेशखाली में उनकी इज्जत तारतार कर दी जाए। 

प्रसाद ने कहा कि आज भी केन्द्रीय कृषि मंत्री मुंडा ने किसानों के साथ बातचीत की पेशकश की है और उम्मीद है कि संवाद से ही समाधान निकल जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि भारत सरकार पूरी तरह से उनसे बातचीत के लिए खुली हुई है और इस मुद्दे का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से ही निकलना चाहिए। भाजपा सरकार ने किसानों के उत्थान और जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए कितना काम किया है, ये चर्चा पहले कई बार हो चुकी है। किसानों का विकास भारत सरकार की प्रमुखतम प्राथमिकताओं में से एक है और ये हमेशा प्राथमिकताओं में रहेगी। 

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने अहंकार के सामने भारत और देश के लोगों को कुछ नहीं समझते हैं, उनको एक फ्री पास मिल हुआ है देश को शर्मसार करने का। उन्होंने कहा कि गांधी को प्रभु राम पर सवाल उठाना बंद कर देना चाहिए। उनको देखना चाहिए था कि राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दिन मंदिर प्रांगण में देश के सैंकड़ों साधु संत बैठे हुए थे। अभी तक देश के 40-50 लाख प्रभु राम के दर्शन कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद उन सभी कारीगरों और मेहनतकश लोगों का सम्मान किया जिन्होंने राम मंदिर को बनाने में अपना-अपना योगदान दिया है। 

प्रसाद ने उत्तर प्रदेश की जनता के नशे में डूबे रहने वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए बोला कि उस प्रदेश के बारे में जहां उनके परिवार ने लंबे समय तक राज किया और उनकी मां वहां से सांसद भी रही हैं, ऐसी जगह के बारे में बयानबाजी करने से पहले आपको शर्म आनी चाहिए उन्हें ऐसा बोलने से पहले 100 बार सोचना चाहिए। साथ ही उन्होंने गांधी को सचेत करते हुए कहा कि उन्हें अपने शब्दों के चयन पर विचार करना चाहिए, आप अपने नेताओं के लिए जिस तरह के शब्दों का प्रयोग करते हैं वह आपकी पार्टी का अंदरूनी मामला है, लेकिन इस देश की देवतुल्य जनता, देश के नौजवानों और राम भक्तों के बारे में इस तरह की अहंकारी भाषा का प्रयोग बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।

किसान आंदोलन से जुड़े एक सवाल के जवाब में प्रसाद ने कहा कि आज भी कृषि मंत्री ने किसानों के साथ बातचीत की पेशकश की है और उम्मीद है कि संवाद से ही समाधान निकल जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि भारत सरकार पूरी तरह से उनसे बातचीत के लिए खुली हुई है और इस मुद्दे का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से ही निकलना चाहिए। भाजपा सरकार ने किसानों के उत्थान और जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए कितना काम किया है, ये चर्चा पहले कई बार हो चुकी है। किसानों का विकास भारत सरकार की प्रमुखतम प्राथमिकताओं में से एक है और ये हमेशा प्राथमिकताओं में रहेगी।

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