घट स्थापना के साथ नवरात्र शुरू, माता के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, शनिवार को वासंतिक नवरात्र घट स्थापना के साथ शुरू हुए।

घट स्थापना के साथ नवरात्र शुरू, माता के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

जयपुर के राजपरिवार से आई जरी की पोशाक माता को धारण कराकर आरती उतारी गई। यह परम्परा पिछले 500 सालों से चली आ रही है।

जयपुर। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, शनिवार को वासंतिक नवरात्र घट स्थापना के साथ शुरू हुए। माँ दुर्गा घोड़े पर सवार होकर हमारे घर आएंगी और नौ दिन बाद भैंसे पर सवार होकर जाएंगी। हमारे दुख संकट और रोगों को अपने साथ ले जाएंगी। मां दुर्गा और मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की नौ दिनों तक आराधना की जाएगी। छोटीकाशी के दुर्गा और श्रीराम मंदिरों में नौ दिन तक धार्मिक अनुष्ठान होंगे।

आमेर स्थित शिलामाता मंदिर के महंत बनवारी लाल शास्त्री के सानिध्य में सुबह 8.05 मंत्रोच्चारण पूजा-अर्चना के साथ घट स्थापना की गई। माता को नवीन पोशाक धारण कराकर ऋतु पुष्पों से शृंगार किया गया। जयपुर के राजपरिवार से आई जरी की पोशाक माता को धारण कराकर आरती उतारी गई। यह परम्परा पिछले 500 सालों से चली आ रही है। सुबह 9 बजे से भक्तों ने माता के दर्शन किए।

मुख्य रूप से आमेर के शिला माता, मनसा माता, दुर्गापुरा के दुर्गा मंदिर, पुरानी बस्ती के रूद्रघंटेश्वरी, घाटगेट के काली माता मंदिर, राजापार्क के वैष्णो देवी मंदिर और झालाना के देवी मंदिर में भक्तों ने मां के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की। सुबह 6 बजे से ही मंदिरों की कतारों में जाकर लग गए थे और जय माता की जयकारे से देवी की आराधना के इस नौ दिनों के विशेष पर्व का आरंभ किया।
अब सभी देवी मंंदिरों में प्रतिदिन दुर्गा शप्तशती, चंडी पाठ और हवन होगा। वहीं, श्रीराम मंदिरों में रामचरितमानस और वाल्मीकि रामायण के पाठ होंगे।

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