कैसे बुझे प्यास: रोज बह रहा लाखों लीटर पानी, जिम्मेदार देते आश्वासन

फूटी पाइप लाइनें और अवैध कनेक्शन बन रहे जलापूर्ति की राह में रोड़ा

कैसे बुझे प्यास: रोज बह रहा लाखों लीटर पानी, जिम्मेदार देते आश्वासन

शहर में हर गली में अवैध कनेक्शन मिल जाएंगे जिनसे रोज लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है।

कोटा। शहर के बीच से चंबल नदी के गुजरने के बाद भी कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो रही है। लोग एक बाल्टी पानी के लिए भी घंटों इंतजार कर रहे हैं। वहीं विभाग का कहना है कि शहर की आबादी के अनुसार पानी का उत्पादन किया जा रहा है। लेकिन हकीकत देखें तो करोड़ों लीटर पानी का उत्पादन होने के बावजूद भी शहर की आधी जनता पानी के लिए दर दर भटकने को मजबूर है। जिसमें सबसे बड़ा योगदान है फूटी पाइप लाइन और अवैध कनेक्शनों का। शहर में हर गली में अवैध कनेक्शन मिल जाएंगे जिनसे रोज लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है। इसके अलावा कई जगहों पर जलदाय विभाग की पाइप लाइन तक फूटी हुई है जिनसे दिन भर पानी बहता रहता है। 

अवैध कनेक्शनों पर हो कारवाई, फूटी पाईप लाइन हो ठीक
शहर में लाखों की संख्या में अवैध नल कनेक्शन मौजूद हैं जिनसे रोज लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। जिन पर विभाग की ओर से कारवाई करने के लिए योजना भी बनाई गई थी। लेकिन विभाग के कर्मचारियों की सुस्ती के चलते धरातल पर इन अवैध कनेक्शनों पर किसी प्रकार की कारवाई नहीं हुई और आज भी आधे से ज्यादा शहर में बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन मौजूद हैं। विभाग इन कनेक्शानों पर कारवाई करे तो पानी की आपूर्ति के साथ कम दबाव की समस्या को भी कुछ हद तक कम किया जा सकता है। वहीं शहर में दशहरा मैदान, साजीदेहड़ा नाला, कोटड़ी नहर, कंसुआ उद्योग नगर थाने के पास सहित कई स्थान ऐसे हैं जहां बड़ी लाइने फूटी हुई है विभाग की ओर से पाइप लाइनों को ठीक तो किया जाता है लेकिन ये हर बार खराब हो जाती हैं। जिससे बड़े स्तर प पानी की बर्बादी हो रही है।

रोज हो रहा 510 एमएलडी उत्पादन
जलदाय विभाग तीन प्लांटों से लगभग 510 एमएलडी यानि 51 करोड़ लीटर पानी का उत्पादन कर रहा है। जो कोटा शहर की 15 से 16 लाख लोगों की आबादी को पानी उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त है। बावजूद इसके आज कई कॉलोनियां पानी के लिए तरस रही हैं। वहीं इससे पहले शहर को हर रोज करीब 410 एमएलडी पानी सप्लाई हो रही थी। ऐसे यहां सवाल विभाग की कार्यशैली पर भी उठता है जो इतना पानी का उत्पादन होने के बाद भी शहर को पर्याप्त जलापूर्ति नहीं कर पा रहा है।

इनका कहना है
अवैध कनेक्शनों पर कारवाई करने के लिए सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं को बोला हुआ है। ऐसी कारवाई नहीं हो रही है तो जांच करवाएंगे। फूटी पाइप लाइनों को चिन्हित कर उन्हें ठीक करने का लगातार कार्य किया जा रहा है। 
- प्रद्युमन बागला, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग

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लोगों का कहना है
हमारे पूरे मौहल्ले में अवैध कनेक्शन हैं लोग सड़क पर ही पाइप लगाकर छोड़ देते हैं जिससे रोज हजारों लीटर पानी बह जाता है। विरोध करने पर झगड़ा करते हैं जलदाय विभाग में कई बार शिकायत की लेकिन कोई कारवाई नहीं होती है।
- ओमप्रकाश राठौर, नांता

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गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत बहुत बढ़ जाती है, एक बाल्टी पानी के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। विभाग की गैरजिम्मेदारी का नुकसान हमें उठाना पड़ता है। अवैध कनेक्शनों पर कारवाई हो तो सबको पानी मिल सकता है।
- दीपक नायक, बापू कॉलोनी

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कुछ साल पहले जलदाय विभाग ने नई पाइप लाइन डाली तब जलापूर्ति के साथ प्रेशर भी बहुत अच्छा आता था लेकिन जैसे जैसे अवैध कनेक्शन बढ़ते गए पानी की किल्लत और प्रेशर कर समस्या बढ़ती गई जिसके समाधान की कोई उम्मीद नहीं है।
- मुकेश नायक, प्रेमनगर द्वितीय

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