....पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा बोलीं... यूपी में ‘योगी’ जो कर सकते हैं वो राजस्थान के ‘गहलोत’ क्यों नहीं ?

कहा.. बीते 4 सालों में क्राइम बढ़ते-बढ़ते आतंकवाद हो गया, पुलिस का इंटेलीजेंस करप्ट, री-ट्रेनिंग व री-थिकिंग की जरूरत

 ....पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा बोलीं... यूपी में ‘योगी’ जो कर सकते हैं वो राजस्थान के ‘गहलोत’ क्यों नहीं ?

उदयपुर। प्रदेश की गहलोत सरकार के बीते 4 साल के राज में क्राइम ने धीरे-धीरे आतंकवाद का रूप ले लिया है। पुलिस का इंटेलीजेंस सिस्टम करप्ट हो चुका है तो जिम्मेदार सिर्फ अपने एमएलए और अपनी सरकार को बचाने में लगे हैं। जब यूपी (उत्तरप्रदेश) में योगी जी ऐसी घटनाओं और अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं, तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्यों नहीं? यह सवाल सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश सरकार पर दागा है।

उदयपुर। प्रदेश की गहलोत सरकार के बीते 4 साल के राज में क्राइम ने धीरे-धीरे आतंकवाद का रूप ले लिया है। पुलिस का इंटेलीजेंस सिस्टम करप्ट हो चुका है तो जिम्मेदार सिर्फ अपने एमएलए और अपनी सरकार को बचाने में लगे हैं। जब यूपी (उत्तरप्रदेश) में योगी जी ऐसी घटनाओं और अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल सकते हैं, तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्यों नहीं? यह सवाल सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश सरकार पर दागा है।


दरअसल पूर्व सीएम वसुंधरा सोमवार को उदयपुर में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद उनके परिजनों से मुलाकात करने पहुंची थी। प्रेसवार्ता में वसुंधरा इस घटना को लेकर भावुक भी हो गई थी। इससे पूर्व वे मृतक कन्हैयालाल के घर के कुछ पहले ही कार से उतर गई एवं पैदल चलकर उनके घर पहुंची, जहां क्षेत्रवासियों से भी मुलाकात की तथा करीब आधे घंटे से अधिक समय तक मृतक कन्हैया के घर बैठकर परिजनों को ढांढस बंधाया।

समय मिले तो लें जिम्मेदारी
राजे ने कहा कि इस आतंकी घटना से यह बात स्पष्ट हो गई है कि वर्तमान में तंत्र पूरी तरह फेल है। अगर हम अपने लोगों को सुरक्षा नहीं दे सकते हैं तो ऐसे जिम्मेदार का सरकार में रहने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि हर गलती कीमत मांगती है। एनआईए जांच तो एक तरफ है, हम पूछते हैं इस सरकार ने क्या किया। सरकार का सारा समय तो कभी एमएलए को संभालने में तो कभी चुनाव की प्लानिंग में ही गुजर जाता है। मामले में सबसे पहले न्याय होना चाहिए। न्यायालय के माध्यम से जान लेने वालों को फांसी दी जानी चाहिए। आतंकियों ने क्राइम कर खुली चेतावनी दी है।


इंटेलीजेंस फेल
राजे ने कहा कि प्रदेश में इंटेलीजेंस सिस्टम पूरी तरह से फेल हो गया है। साइबर क्राइम और आईटी का मिसयूज हुआ है, उस स्तर पर हमारी पुलिस अपडेट नहीं है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि प्रदेश के इंटेलीजेंस सिस्टम को रीट्रेनिंग दी जाए। इस संबंध में हम भी प्रस्ताव रखेंगे। प्रदेश में अब तक सामने आई घटनाओं से भी यह सिद्ध हुआ है कि हमारा इंटेलीजेंस सिस्टम पस्त हो चुका है।
 
भावुक हुई राजे, बोली.. दिल जलता है
प्रेसवार्ता में पूर्व सीएम भावुक हो गई। बोलीं.. दिल जलता है, ऐसी घटनाओं को सोचकर। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद की हत्या का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर चेतावनी भी दे डाली। जिसने जिस स्तर से जान ली है, उसको उसी स्तर की सजा दी जानी चाहिए।

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