घरों की दहलीज पर पनप रहा बीमारियों का खतरा

वार्ड एक्सप्रेस - मुख्य सड़कों पर कीचड़, जगह-जगह भरा बरसाती पानी, विज्ञान नगर के वार्ड 39 की कॉलोनियां बदहाल

घरों की दहलीज पर पनप रहा बीमारियों का खतरा

सीवरेज पाइप लाइन कार्य ने कॉलोनियों की सूरत बिगाड़ कर रख दी। जगह-जगह खुदी पड़ी सड़कें अब बारिश में जानलेवा बन गई। पानी की निकासी अवरूद्ध हो गई। जलभराव से घरों की दहलीज पर खतरनाक बीमारियों का लार्वा पनप रहा है। इन दिनों यही हाल विज्ञान नगर के वार्ड 39 के बने हुए हैं।

कोटा। कोटा शहर। अपना शहर।  कभी देश का कानपुर माना जाने वाला कोटा आज देश विदेश में  शिक्षा क्षेत्र के मानचित्र पर चमक रहा है। शहर धीरे-धीरे हर क्षेत्र में विकास कर रहा है। अब यह शहर पर्यटन नगरी के रूप में चमकने को तैयार हो रहा है। शहर भर में आमूलचूल परिवर्तन हो रहा है। पुरानी संपदा को तो अवेरा जा ही रहा है। चर्मण्यवती के पावन तट पर रिवर फ्रंट आकार ले रहा है। चौक चौराहे सुन्दर बनाए जा रहे हैं। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो एक दिन हमारा शहर न्यूयार्क की तरह सुन्दर बन सकता है। लेकिन न्यूयार्क की तरफ बढ़ने से पहले हमें अपनी बैसिक आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। शहर में बसी आबादी को सुविधाएं मिल  रही हैं या नहीं। सरकार ने शहर विकास की दृष्टि से दो नगर निगम बना दिए। पहला उतर और दूसरा दक्षिण। पहले 60 फिर 65 और अब दोनों निगम में मिलाकर 150 वार्ड हो गए हैं। अर्थात हमारे नुमाइंदे तो बढ़े हैं लेकिन विकास और आमजन को  सुविधा की दृष्टि से हम कहां खड़े हैं। स्मार्ट शहर कहलाने जा रहे कोटा में लोग वास्तव में सफाई, सड़क, बिजली, अस्पताल, चिकित्सा,प्रदूषण,पर्यावरण, रोटी, कपड़ा  मकान जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति भी कर पा रहे हैं या स्मार्ट   शहर एक जुमला साबित हो रहा है। शहर के वार्डों के क्या हालात हैं।  इन्ही सब सवालों के जवाब ढूंढने को नवज्योति आज से वार्ड एक्सप्रेस शुरू कर रहा है।

पहले सीवरेज अब बारिश ने बिगाड़ी कॉलोनियों की सूरत
कोटा। सीवरेज पाइप लाइन कार्य ने कॉलोनियों की सूरत बिगाड़ कर रख दी। जगह-जगह  खुदी पड़ी सड़कें अब बारिश में जानलेवा बन गई। घरों तक पहुंचना या बाहर निकलना चुनौती बन गया। सड़कों पर जमा मिटटी-गिटटी का ढेर बरसात से कीचड़ में बदल गया। पानी की निकासी अवरूद्ध हो गई। फिसलन होने से लोग गिरते-पड़ते मंजिल तक पहुंचने को मजबूर हैं। सड़क से पैदल गुजरना तो दूर बाइक से निकलना तक मुश्किल है। जलभराव से घरों की दहलीज पर खतरनाक बीमारियों का लार्वा पनप रहा है। इन दिनों यही हाल विज्ञान नगर के वार्ड 39 के बने हुए हैं।

घर से बाहर निकलना चुनौती  
गांधीगृह सेक्टर-3 के हालात बहुत ही बूरे हैं। यहां पिछले 4 महीनों से सीवरेज पाइप लाइन के लिए सड़क खोदी जा रही है, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। आरयूडीपीआई व डीआरएडी संवदेक फर्म में आपसी सामंजस्य का अभाव लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ बन गया। ठेकेदार एक कॉलोनी में खुदाई अधूरी छोड़ दूसरी कॉलोनी में जेसीबी लेकर पहुंच जाते हैं। चोरों ओर सड़कें खोद डाली। जिससे कॉलोनियों में प्रवेश के सभी रास्ते बंद हो गए। सड़कों पर कीचड़, गंदगी और पानी भरा होने से स्थानीय लोग गिरते-पड़ते घर पहुंच रहे हंै। यहीं हालात जैन मंदिर स्थित सेक्टर-4 के भी बने हुए हैं। 

यह है वार्ड क्षेत्र
इस वार्ड के अतर्गत विज्ञान नगर, आंशिक सेक्टर तीन, सेक्टर चार सम्पूर्ण, पी एण्ड टी व पीडब्ल्यूडी कॉलोनी शामिल हैं।

दुकान तक नहीं पहुंच रहा माल
गांधीगृह में सबसे ज्यादा परेशानी सड़क की है। मानसून से पहले सड़क खुदाई कार्य पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही के कारण यह कार्य समय से दो महीने देरी से चल रहा है। जिसका दंश कॉलोनीवासी भुगत रहे हैं। दुकान का कारोबार प्रभावित हो गया। ढाई महीने से माल नहीं आ रहा।
- मनमोहन शर्मा, सेक्टर 3 गांधीगृह

मोटर के बिना नहीं आता पानी
गांधीगृह सेक्टर तीन की 3 र50 वाली कॉलोनी में पानी की समस्या है। यहां पांच-छह मकानों में रात को ही पानी आता है। दिनभर नल बंद रहते हैं। मोटर चलाने पर ही पानी आता है, लेकिन प्रेशर कम होने से टंकियां नहीं भर पाती। अधिक समय तक मोटर चलाने से बिजली का बिल बढ़ता है।     -इमरान खान, सेक्टर 3 गांधीगृह

सड़क खोदने के साथ मलबा भी हटाएं
वार्ड 39 की जैन मंदिर के सामने वाली कॉलोनी में 4 दिन से सड़क खुदाई कार्य चल रहा है। घरों के आगे मलबे का ढेर लगा है। कॉलोनियों में आने-जाने के सारे रास्ते बंद हो गए। विज्ञान नगर चौराहे पर वाहन खड़े करने पड़ते हैं। बरसात से कीचड़ हो गया। संवेदक फर्म को खुदाई के साथ-साथ सड़क से मलबा भी हटाना चाहिए। जिससे घरों तक पहुंचने का रास्ता मिल सके।
- वीके जैन, सेक्टर 4 विज्ञान नगर

कारोबार हो रहा प्रभावित
दुकान तक पहुंचने के तीन रास्ते हैं, जिन पर कीचड़, गंदगी और जलभराव होने से बंद हो गए। 4 माह पहले जो ग्राहकी होती थी वह आज आधी से भी कम रह गई। न तो कंपनियों का माल दुकान तक पहुंच रहा और न ही ग्राहक। नतीजन, व्यापार में नुकसान उठाना पड़ रहा है।
 - ताराचंद जैन, व्यवसायी सेक्टर-2
 
पार्षद कहते हैं
 वार्ड-39 की कॉलोनियों में सीवरेज लाइन डालने का काम पूरा हो चुका है, अभी घरों के बाहर छोटे चैम्बर लगाने का काम चल रहा है, जो कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा। बारिश नहीं हुई तो 10 दिनों में सीसी बनवा देंगे।  फिलहाल, गांधीगृह के सेक्टर-3 की दो-तीन गलियों व अशोक ब्लॉक में इंटरलोकिंग व सीसी सड़क बन चुकी है। वहीं, गांधीगृह की कॉलोनियों में भरे बरसाती पानी की निकासी के लिए सर्वोदय नर्सिंग कॉलेज के सामने वाले नाले की सफाई करवा दी है। यहां बने कचरा प्वाइंट को हटवाकर पौधे लगवाएंगे।
 - मनोज गुप्ता, पार्षद वार्ड 39 विज्ञान नगर

त्यौहार नजदीक और घर की दहलीज पर गंदगी
चार-पांच माह से सड़कें खुदी पड़ी हैं, गिटटी-मिटटी का ढेर बरसात से कीचड़ में बदल गया। पानी की निकासी अवरूद्ध होने से जलभराव की समस्या हो गई। घर की दहलीज पर ही गंदगी का ढेर लग गया। मच्छर पनप रहे हैं। बीमारियों का खतरा बना हुआ है। वहीं, सड़कों पर फिसलन होने से लोग फिसल रहे हैं।
- जुनैद खान, सेक्टर 3 गांधीगृह

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