बिजली संकट पर 'राजे' का 'ट्वीट'वार : हमारे समय में 24 घंटे बिजली, आज गाँवों में 24 मिनट भी नहीं

बिजली संकट पर 'राजे' का 'ट्वीट'वार :  हमारे समय में 24 घंटे बिजली, आज गाँवों में 24 मिनट भी नहीं

बिजली संकट पर सियासत

जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर बिजली संकट नज़र आ रहा है। वहीं बिजली संकट को लेकर सियासत भी गर्माती दिख रही है। कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने कहा है कि प्रदेशवासियों को बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रखना साफ़तौर पर राज्य सरकार का फ़ेल्योर है।उन्होंने कहा कि जो घरेलू बिजली हमारे कार्यकाल में 24 घंटे मिला करती थी,वह आज गाँवों में 24 मिनट भी नहीं मिल रही।गाँवों में ही नहीं बिजली कटोती से शहरों में भी लोग परेशान है।प्रदेश के कई बिजली घर बंद है और कई बंद होने की स्थिति में हैं।प्रदेश में विधुत संकट गहरा गया है।इस कारण हमारे उद्धोग तो प्रभावित हो ही रहें है,खेती और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

 

राजे ने एक बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार ने कोयले का भुगतान सही समय पर नहीं किया इसलिए आज यह परेशानी खड़ी हो गई है।कोयले की कमी के कारण ही आज प्रदेश में पर्याप्त बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा।जबकि हमारे समय में कोयले का समय पर भुगतान होने की वजह से कोयले की कभी कमी नहीं आई और ये ही कारण था कि उस वक़्त बिजली उत्पादन निर्बाध रूप से होता रहा।उस वक़्त हमारा बिजली प्रबंधन इतना सुदृढ था कि बिजली की कमी आना तो दूर की बात उल्टा बिजली सरप्लस तक रहती थी।आज हालत ये हैं कि अब न आम उपभोक्ता को पर्याप्त बिजली मिल रही और न ही किसानो और इण्डस्ट्री को।

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उन्होंने कहा कि बिजली का स्थाई शुल्क और एनर्जी चार्ज बढ़ा कर इस सरकार ने उपभोक्ताओं पर भारी बोझ डाला है।वास्तविक रीडिंग की बजाय लोगों को एवरेज बिल थमाये जा रहे हैं।हमारे समय में दाम कम बिजली फ़ुल थी।अब दाम ज़्यादा बिजली गुल है।

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