अशोक गहलोत ने फहराया तिरंगा, कहा, देश में जाति और धर्म के नाम पर बंद हो तनाव

इस बार मेरे लिए गर्व की बात है

अशोक गहलोत ने फहराया तिरंगा, कहा, देश में जाति और धर्म के नाम पर बंद हो तनाव

मैंने यहां 14वीं बार झंडा फहराया, यह प्रदेश के लोगों का मुझे आशीर्वाद है। मेरा संकल्प है कि सेवा करता रहूंगा। मैंने हमेशा गरीब को गणेश मानकर सेवा की है।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वतंत्रता दिवस पर एसएमएस स्टेडियम में तिरंगा फहराया। गहलोत ने राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अमृत महोत्सव के तहत आजादी का यह पर्व इस बार मेरे लिए गर्व की बात है। मैंने यहां 14वीं बार झंडा फहराया, यह प्रदेश के लोगों का मुझे आशीर्वाद है। मेरा संकल्प है कि सेवा करता रहूंगा। मैंने हमेशा गरीब को गणेश मानकर सेवा की है। देश में जाति और धर्म के नाम पर तनाव बंद होना चाहिए। लोकतंत्र की मूल भावना को भी केन्द्र-प्रदेशों की सरकार को अपनाना चाहिए। निंदा करने वालों के सुझावों को मानना चाहिए। यही लोकतंत्र की परम्परा है, लेकिन विपक्ष को दुश्मन मानना लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है। युवा देश की शक्ति है, किसी भी देश की तकदीर बदलने में युवाओं की अहम भूमिका होती है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि समाज के युवाओं को सही राह दिखाएं, लेकिन अभी युवाओं में उन्माद बढ़ रहा है, जो नहीं होना चाहिए। युवाओं पर बड़ी जिम्मेदारी है, नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए। हमारे सामने भ्रष्टाचार भी चुनौती है, जो राजस्थान में करप्शन करते है, उन पर कार्रवाई हो रही है। रिफाइनरी का आधा काम पूरा हो गया है। ईआरसीपी के लिए भारत सरकार से संपर्क में है। कभी ना कभी केंद्र वादा पूरा करेगी। इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाए। 

गहलोत ने कहा कि अमृत महोत्सव के रूप में स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों को नमन, जिन्होंने अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाई। देश के अंदर 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा यह दिवस, इसका विशेष महत्त्व है। आजादी के बाद हम कहां पहुंच गए हैं, सभी के लिए गर्व करने का विषय भी है। यह नई पीढ़ी को समर्पित होना चाहिए। धर्म के नाम पर बात करने वाले पाकिस्तान को देख ले। उन्हें देश में भेदभाव, ऊंच-नीच, छूताछूत के खिलाफ आह्वान करना चाहिए। देश में लोकतंत्र मजबूत बने, देश अखंड रहे इन बातों को भी सोचना होगा। देश अखंड रहा, लोकतांत्रिक रहा, इसमें हमारे नेताओं का योगदान रहा है। देश की अखंडता में बलिदान देने वालों को भुलाया नहीं जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक से बढ़कर एक हुए महापुरुष, जिन्होंने बिना बाहरी मुल्क के सहयोग के देश को गांधी की राह पर चलकर आजादी दी। हमने यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज दिया, राजस्थान पहला राज्य बना, जिसने 1.35 करोड़ नागरिकों को हेल्थ कवरेज दिया, गरीब के बच्चे को मिलेगा स्मार्टफोन, तो आत्मविश्वास बढ़ेगा, अंग्रेजी स्कूल खोलने का हुआ अभिनव प्रयोग, दुनिया हमारा लोहा मानती है। पाकिस्तान मुस्लिम धर्म के नाम पर बना, पाकिस्तान अलग राष्ट्र मजबूरी में बनाना पड़ा, इंदिरा गांधी के समय पाकिस्तान के 2 टुकड़े हो गए, धर्म के नाम पर देश तरक्की नहीं कर सकता, इसलिए यह धर्म की राजनीति करने वालों को समझना चाहिए। छुआछूत देश के नाम पर कलंक है, देश का कोई प्रदेश अलग नहीं हुआ, इंदिरा गांधी ने जान दे दी, खालिस्तान नहीं बनने दिया, राजीव जी और बेअंत सिंह शहीद हो गए, रूस जैसे देश के 16 टुकड़े हो गए, देश अखंड रहा यह हमारे नेताओं की बलिदान का नतीजा है, 31 दिसंबर 1929 को रावी के तट पर पंडित नेहरु ने फहराया था तिरंगा, पूर्ण स्वराज का नारा दिया था।

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