शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा बैसाखियों पर, मरीज हो रहे परेशान

चिकित्सा मंत्री को सीएमएचओ लिख चुके पत्र

शहरी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा बैसाखियों पर, मरीज हो रहे परेशान

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार चिकित्सा मंत्री को पत्र लिखकर रिक्त पदों को भरने के लिए लिखा गया है। लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हुआ।

कोटा। शहर क्षेत्र में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थाई प्रभारी डॉक्टर नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाएं बैसाखियों के सहारे चल रही है। यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अन्य स्थानों के डॉक्टरों को लगाकर व्यवस्थाएं चलाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थाई प्रभारी डॉक्टर नहीं होने से यहां मरीजों को आए दिन बिना इलाज के एमबीएस और निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है। शहर के सकतपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. जगदीश कुमार सोनी के सीएमएचओं बनने के बाद यहां के प्रभारी का पद रिक्त चल रहा है। हालांकि यहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अन्य स्थान से डॉ. शशि सिंह को लगा रखा है। टीपटा में वैकल्पिक डॉ. रेणु शर्मा को लगाया है। वहीं शॉपिंग सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर संजय शायर को लगाया गया है। कोटा जिले में कई सीएचसी व पीएचसी पर डॉक्टरों के पद रिक्त चलने से मरीजों को भारी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार चिकित्सा मंत्री को पत्र लिखकर रिक्त पदों को भरने के लिए लिखा गया है। लेकिन अभी तक इसका समाधान नहीं हुआ।

वैकल्पिक व्यवस्था में समय हो जाता पूरा
शहरी क्षेत्र में सकतपुरा, टिपटा, शॉपिंग सेंटर, डीसीएम में स्थायी चिकित्सा प्रभारी के पद रिक्त चल रहे है। यहां वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों को लगा रखा है। चिकित्सा विभाग की विभिन्न फ्लेगशिप योजनाओं की होने वाली बैठकों को अटेंड करने से वैकल्पिक चिकित्सक पूरी सेवाएं इन सेंटरों  नहीं दे पा रहे है। ऐसे में आए दिन तीनों अस्पतालों मरीजों को निराश लौटना पड़ता है। 

विज्ञान नगर में 24 घंटे चिकित्सा सेवा बेपटरी
शहर की विज्ञान नगर सीएचसी पर 24 घंटे चिकित्सा सेवा ठीक से संचालित नहीं हो रही है। यहां चिकित्सकों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी नहीं लगाने से मरीजों को परेशानी हो रही है। यहां पर एंबुलेंस में ड्राइवर नहीं होने से प्रसुताओं और मरीजों को लाने के लिए परेशानी हो रही है। रात में नाइट में वार्ड बॉय नहीं होने से भी इमजेंसी सेवा प्रभावित हो रही है। 

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प्रभारी डॉक्टर नहीं होने से जांच व टीकाकरण हो रहा प्रभावित
शहर क्षेत्र के अस्पतालों में स्थाई प्रभारी डॉक्टर का पद रिक्त होने से यहां पर कोविड टीकाकरण और कोरोना जांच कार्य प्रभावित हो रहे है। वैकल्पिक चिकित्सों के लगाने से प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है।

इनका कहना है
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की सीएचसी व पीएचसी पर चल रहे डॉक्टरों के रिक्त पदों की सूची चिकित्सा मंत्री को भेज रखी है। लिस्ट निकलने के बाद ही अस्पतालों में स्थाई चिकित्सक मिल सकेंगे। अभी वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में डॉक्टरों को लगा रखा है जिससे मरीजों को परेशानी नहीं हो।
- डॉ. जगदीश कुमार सोनी सीएमएचओ कोटा

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