शराब व्यापारियों ने ढोल बजा कर निकाला जुलूस, किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन, पेनल्टी व नीलामी रुकवाने की मांग की

शराब व्यापारियों ने ढोल बजा कर निकाला जुलूस, किया प्रदर्शन

लीकर कांट्रेक्टर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष पंकज धनकड़ के साथ शराब व्यापारियों ने दिए ज्ञापन में बताया कि प्रदेशभर में शराब व्यापारी पिछले 4-5 वर्षो में पॉलिसी के अनुसार कमीशन नही मिलने के कारण बिल्कूल बर्बाद हो गए है।

टोंक। लीकर कांट्रेक्टर यूनियन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष पंकज धनकड़ के नेतृत्व में ढोल बजाओ सरकार जगाओ, पेनल्टियाँ हटाओ आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय पर ढोल बजाकर शराब ठेकेदारों ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया और कोरोना काल के दौरान शराब कम बिकने पर शराब व्यापारियों पर जारी पेनल्टियों को समाप्त करने व पूरे प्रदेशभर में हो रही शराब व्यापारियों की चल-अचल सम्पतियों को निलामी रुकवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। लीकर कांट्रेक्टर यूनियन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष पंकज धनकड़ के नेतृत्व प्रदेश संगठन मंत्री जयसिंह गुर्जर, टोंक जिलाध्यक्ष विजय चांवला सहित टोंक जिले के शराब व्यापारियों व अन्य जिलो के शराब व्यापारी नए बस स्टेंड से ढोल बजाओ सरकार जगाओ, पेनल्टियाँ हजाओ आंदोलन के तहत ढोल बजाकर प्रदर्शन करते हुए रवाना हुए, जो छावनी, पुलिस लाईन, बंमोर गेट होते हुए घंटाघर होकर प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, प्रदर्शन को देखते हुए शहर कोतवाल जितेन्द्रसिंह चारण, पुरानी टोंक थानाधिकारी उदयवीर सिंह मय दल बल के मौजूद रहे।

लीकर कांट्रेक्टर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष पंकज धनकड़ के साथ शराब व्यापारियों ने दिए ज्ञापन में बताया कि प्रदेशभर में शराब व्यापारी पिछले 4-5 वर्षो में पॉलिसी के अनुसार कमीशन नही मिलने के कारण बिल्कूल बर्बाद हो गए है। ऊपर से कोरोना महामारी ने तो पूरा भट्टा ही बिठा दिया है, जिसके कारण आर्थिक हालात ओर भी अधिक खराब हो गई है। उन्होने मांग करते हुए बताया कि वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के संबंध में मांगे है उनको तुरंत प्रभाव से पूर्ण किया जाएग ताकि प्रदेश में अनावश्यक आंदोलन न खड़ा हो। गत 2 वर्षो से कोरोना महामारी, सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक एवं कामधंधे बंद होने के कारण लोगों की आर्थिक हालात बहुत ही खराब हो गई थी। ऊपर से विभाग व सरकार द्वारा समय समय पर कोरोना गाईड लाईन की पालनार्थ के लिए बार-बार अनुबंध को तोड़ा गया, दुकाने खोलने का समय बदला गया। जिसके कारण सभी शराब व्यापारियों को भारी भरकम आर्थिक नुकसान हुआ है।

जब लोग अपनी जान-माल की सुरक्षा में लगे हुए थे, उनके खाने के लाले पड़ गये थे ऐसे हालात में लोग दारू की जगह दवा ढूंढ रह थे। हमने भी सरकार द्वारा जारी सभी आदेशों की पालना की। उसके उपरान्त आज आबकारी विभाग द्वारा सभी शराब व्यापारियों पर भारी भरकम पेनल्टियों के आदेश जारी किये जा रहे है। सभी शराब व्यापारियों की चल-अचल सम्पतियों को कुर्क कर नीलाम करने के भी आदेश जारी किये गये है। लोगो के घरो पर नोटिस चस्पा किये जा रहे है जिसके कारण सभी शराब व्यापारी व उनके परिवार तनाव में है। इसी तनाव के चलते अभी तक चार शराब व्यापारी आत्महत्या कर चुके है, कईयों के हार्ट अटेक के दौरे पड़ चुके है। उन्होंने मांग करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की छवि प्रदेश में गांधीवादी मुख्यमंत्री के रूप में देखी जाती है। महात्मा गांधी  शराब बंदी के पक्ष में थे। आपने भी कई बार सार्वजनिक तौर पर शराब छोड़ने की अपील की है।

आपकी सरकार के कई मंत्री, विधायक व बडे प्रशासनिक अधिकारी स्व. गुरू चरण छाबड़ा ट्रस्ट द्वारा चलाये जा रहे शराब बंदी आंदोलन को समर्थन व उनके पोस्टरों का विमोचन कर चुके है। आपकी सरकार द्वारा ही उक्त ट्रस्ट को शराब छोड़ने की जागरूकता के लिए करोड़ो रूपये का आर्थिक सहयोग दिया गया है। वही दूसरी तरफ कोरोना काल में शराब कम बिकने के कारण शराब व्यापारियों की चल- अचल सम्पतियां नीलाम की जा रही है, यह प्रदेश के लिए बहुत ही शर्मनाक घटना है। उन्होंने मांग की है कि कोरोना काल के दौरान आई सभी प्रकार की पेनल्टियों को समाप्त किया जावे तथा प्रदेश भर में शराब व्यापारियों की सम्पतियां कुर्क कर हो रही नीलामियों को तुरन्त प्रभाव से रूकवाया जावें व कोरोना काल के दौरान शराब व्यापारियों को हुए भारी भरकम नुकसान की भरपाई के लिए प्रत्येक शराब व्यापारी को सहयोग हेतु 20-20 लाख रु का सहयोग दिया जावे व 2 वर्षों से विभाग द्वारा जब्त धरोहर राशियाँ ब्याज सहित लौटाई जावे ।

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