एमबीएस व जेके लोन मेंं बिजली के पैनल पुराने, सिर्फ लाइनें नई

खुले पैनल बॉक्स पर झूल रहे तार, पूर्व में कई बार हो चुके शॉर्ट सर्किट से हादसे

एमबीएस व जेके लोन मेंं बिजली के पैनल पुराने, सिर्फ लाइनें नई

संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व जेके लोन अस्पतालों में भी बिजली का सिस्टम तो पुराना है, लेकिन लाइनें कुछ समय पहले ही बदली गई हैं। हालांकि दोनों ही अस्पताल में बिजली के खुले पैनल बॉक्स में तार झूल रहे हैं। जिनसे कभी भी कोई हादसा हो सकता है।

कोटा।  न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो दिन पहले  केबल जलने से अचानक गुल हुई बिजली से कई मरीजों का जीवन संकट में पड़ गया था। उसी तरह संभाग के सबसे बड़े एमबीएस व जेके लोन अस्पतालों में भी बिजली का सिस्टम तो पुराना है, लेकिन लाइनें कुछ समय पहले ही बदली गई हैं। हालांकि दोनों ही अस्पताल में बिजली के खुले पैनल बॉक्स में तार झूल रहे हैं। जिनसे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल को बने हुए अधिक समय नहीं हुआ है। उसकी बिजली की केबल ही पुरानी होने से जल गई। जिससे वहां का पूरा बिजली सिस्टम ही गड़बड़ा गया था। जबकि एमबीएस व जेके लोन अस्पताल तो काफी पुराने हैं। यहां के बिजली सिस्टम तो मेडिकल कॉलेज अस्पताल से भी पुराने लगे हुए हैं। उनमें भी कभी भी इसी तरह का हादसा हो सकता है। जिससे यहां एमबीएस में 750 से अधिक और जेके लोन में महिलाओं व बच्चों के जीवन पर भी संकट मंडरा सकता है।

दोनों ही अस्पतालों में जिनमें से सबसे अधिक जेके लोन अस्पताल में पूर्व में कई बार बिजली के पैनल बॉक्स में शॉर्ट सर्किट से आग लग चुकी है। उससे महिला व शिशु वार्ड में हड़कम्प मच गया था। हालांकि दोनों ही अस्पतालों में नए ओपीडी ब्लॉक बनने से उनमें बिजली की केबल लाइनों को बदला जा चुका है। लेकिन सिस्टम अभी भी पुराना ही लगा हुआ है। जिससे कभी भी हादसा होने का खतरा बना हुआ है। एमबीएस अस्पाल के नाक, कान व गला, अस्थि रोग, सर्जिकल वार्ड समेत कई अन्य स्थानों पर पैनल बॉक्स खुले पड़े हैं। जिन पर बिजली के तारों का झुंड लटका हुआ है। ऐसे में गर्मी के मौसम में कभी भी शॉर्ट सर्किट होने व लोड अधिक होने से फाल्ट होने पर खतरा बना हुआ है। इसी तरह से जेके लोन अस्पताल में भी ऊपर गायनी वार्ड समेत कई वार्डों के बाहर व गैलेरी में पैनल बॉक्स पर बिजली के तार खुले में झूल रहे हैं। 

इनका कहना है
एमबीएस अस्पताल में बिजली का सिस्टम तो पुराना है। लेकिन केबल नई बदली गई हैं। इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के विद्युत खंड को दो बार में करीब 8 लाख रुपए एडवांस  जमा करवाए हुए हैं। उनसे लाइनों को बदला गया है। जो पैनल बॉक्स खुले हैं व तार लटके हुए है उन्हें सही किया जा रहा है। गर्मी का मौसम है लोड अधिक होने पर कभी भी फाल्ट होने के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन किसी तरह की समस्या नहीं होगी।
-डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक एमबीएस अस्पताल

जे.के. लोन अस्पताल में नए ओपीडी ब्लॉक का काम चल रहा है। उसके साथ ही वर्तमान अस्पताल के पूरे बिजली सिस्टम को बदला जा चुका है। सभी लाइनें नई और पाइपों के जरिये पैक कर दी गई हैं। जिससे किसी तरह का खतरा नहीं है। वहीं अस्पताल में 500-500 केवी के दो नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। साथ ही 600 केवी का एक नया डीबी सेट लगाया है। जिसे शीघ्र ही चालू कर दिया जाएगा। जिससे लाइट जाने पर  बैकअप तैयार रहे और किसी तरह की मरीजों को परेशानी नहीं हो। हालांकि गर्मी में लोड अधिक होने व शॉर्ट सर्किट से फाल्ट होने से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन उससे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा। 
-डॉ. एचएल मीना, अधीक्षक जेके लोन अस्पताल 

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