रेलों के सुरक्षित संचालन के लिए गर्मी में भी इंजीनियरिंग है मुस्तैद

रेलों के सुरक्षित संचालन के लिए गर्मी में भी इंजीनियरिंग है मुस्तैद

रेलों के सुरक्षित संचालन के लिए रेलवे इंजीनियरिंग विभाग मुस्तैद है। प्रशासन सेफ्टी सेमिनार के कर्मचारी-अधिकारियों को प्रशिक्षित कर रहा है।

जयपुर। रेलों के सुरक्षित संचालन के लिए रेलवे इंजीनियरिंग विभाग मुस्तैद है। प्रशासन सेफ्टी सेमिनार के कर्मचारी-अधिकारियों को प्रशिक्षित कर रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण के अनुसार पटरियों की समय पर ही स्ट्रेसिंग करने के साथ ही उनकी सतत देखरेख  रखी जा रही है। ट्रैक मैन दिन के अधिकतम तापमान के समय (दोपहर 12 से 16 बजे के बीच) भी गश्त कर रेल पटरी की स्थिति की जांच करते है।

हर ट्रैक मैन की ओर से इकहरी लाइन पर 2 कि.मी. एवं दोहरी लाइन पर दोनों लाइनों का एक किमी गहन निरीक्षण किया जाता है। रेल लाइन के गर्मी से फैलने के कारण टेड़ा हो जाना चैक किया जाता है। ऐसा पाए जाने पर रेलकर्मी उस लाइन को तुरन्त डेटोनेटर (पटाखे) से प्रोटेक्ट करते हुए लाल झण्डी से किसी भी आती हुई गाडी को रोकने के लिए तैयार रहता है। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए श्रीगंगानगर-हरिद्वार रेलसेवा में, गंगानगर-दिल्ली ट्रेन और दिल्ली-बठिण्डा रेलसेवा में 2 द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बों की अस्थायी बढ़ोतरी की है। ं

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