अल्ट्रा साउंड एण्ड इमेजिंग सेंटर सील : गर्भ था नहीं, सोनोग्राफी रिपोर्ट में महिला को बताया 5 सप्ताह की गर्भवती
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जिस पर सीएमएचओ ने पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की धारा 20(3) के तहत लेखबद्ध कमियों के आधार पर पंजीयन प्रमाण पत्र को निलम्बित किया।
भीलवाड़ा। शहर के सीताराम जी की बावड़ी के समीप स्थित भारद्वाज अल्ट्रा साउंड एण्ड इमेजिंग सेंटर में एक महिला को बिना गर्भ के ही सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भवती होने की फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के मामले में आरसीएचओ डॉ. संजीव कुमार शर्मा, जिला औषधी नियंत्रण मनीष कुमार मीणा व पीसीपीएनडीटी के जिला समन्वयक रामस्वरूप सेन की तीन सदस्यीय टीम ने सुबह सेंटर का निरीक्षण किया तथा डॉ. मेघज भारद्वाज से उक्त सोनोग्राफी रिपोर्ट संबंधी दस्तावेजों की जांच की। डॉ. भारद्वाज की ओर से जारी रिपोर्ट में महिला को 5 सप्ताह की गर्भवर्ती होना बताया गया था, जबकि वह गर्भ से थी हीं नही। टीम को मौके पर संधारित सोनोग्राफी रजिस्टर में फार्म-एफ महिला मरीज के रिपोर्ट ऑडिट में भी गंभीर उल्लंघन पाया गया। जिस पर सीएमएचओ ने पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की धारा 20(3) के तहत लेखबद्ध कमियों के आधार पर पंजीयन प्रमाण पत्र को निलम्बित किया। साथ ही सोनोग्राफी मशीन को टीम द्वारा सीज किया गया। गौरतलब है कि उक्त संस्थान पर पूर्व में भी गत वर्ष दिसम्बर 2024 में चिकित्सा विभाग द्वारा सोनोग्राफी मशीन को सीज किया गया था।
पूर्व में विवादित रह चुका डॉ. कामिल
डॉक्टर कामिल अंसारी के खिलाफ आठ साल पहले सीएमएचओ ने जयपुर स्थित पीबीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 8 अप्रैल को मानव सेवा संस्थान परिसर स्थित राजस्थान हॉस्पिटल में डॉक्टर कामिल हुसैन द्वारा एक महिला का गर्भपात किया जा रहा था, जबकि वह एमटीपी एक्ट में पंजीकृत नहीं है। इसकी सूचना पर सीएमएचओ के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी थी। जांच में वहां गर्भ निरोधक दवाइयों के अवैध किट भी बरामद हुए थे। मामले को लेकर 10 अप्रैल को सीएमएचओ ने डॉक्टर के खिलाफ जयपुर स्थित पीबीआई थाने में मामला दर्ज कराया। कार्रवाई के दौरान हॉस्पिटल में 85 मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (एमटीपी) के किट बरामद किए। वहीं एमटीपी एक्ट में हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया।
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