पहले कैंसर पर जीत की हासिल अब दूसरों के लिए बने प्रेरणा

समय पर पता चले तो कैंसर का निदान संभव

पहले कैंसर पर जीत की हासिल अब दूसरों के लिए बने प्रेरणा

एक कैंसर पीड़ित मरीज को काफी शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, लेकिन जब एक कैंसर मरीज इस बीमारी से जंग जीत लेता है तो फिर वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है।

जयपुर। एक कैंसर पीड़ित मरीज को काफी शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, लेकिन जब एक कैंसर मरीज इस बीमारी से जंग जीत लेता है तो फिर वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाता है। इस बीमारी से लड़ रहे अन्य लोगों को उम्मीद देने देने के लिए हर साल जून के पहले रविवार को नेशनल कैंसर सर्वाईवर्स डे मनाया जाता है। इस बार नेशनल कैंसर सर्वाईवर्स डे पर शहर के कैंसर विशेषज्ञों से बात की और उनके अनुभव जाने।

पहला केस

सीनियर कंसल्टेंट एडल्ट एवं पीडियाट्रिक मेडिकल आॅन्कोलॉजिस्ट एंड हेमेटो आॅन्कोलॉजिस्ट डॉ. दिवेश गोयल ने बताया कि अलवर निवासी 15 वर्षीय किशोर ने ब्लड कैंसर को हराया है। उसे एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर था। इसमें प्रति एक हजार में से एक व्यक्ति इस बीमारी का शिकार होता है। यहां फोर्टिस में उस किशोर का दो सालों तक इलाज चला। वह इलाज के लिए भी मानसिक रूप से तैयार नहीं था, लेकिन उसके परिजनों ने उसे रास्ता दिखाया, जिससे वह तेजी से स्वास्थ्य होने लगा। अब वह पिछले तीन साल से पूरी तरह स्वस्थ है।

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दूसरा केस

दूसरे मामले के बारे में डॉ. दिवेश गोयल ने बताया कि एक नवविवाहिता को शादी के कुछ समय बाद ही स्तन कैंसर हो गया। इससे उसका मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हुआ। महिला ने कैंसर को हरा दिया, क्योंकि उसके कैंसर का निदान शुरुआती चरण में ही हो गया। अब इस मरीज को हार्मोनल थैरेपी दी जा रही है, जिससे वह जल्द ही स्वस्थ हो जाएगी।

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