बाढ़ ने पीछे छोड़ा तबाही का मंजर

कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ पकड़ा गया

 बाढ़ ने पीछे छोड़ा तबाही का मंजर

भूड़ा गांव में भी एक घर में घड़ियाल का छोटा बच्चा मिलने से लोगों में हड़कंप मच गया। राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने रविवार को राजाखेड़ा के चंबल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम पंचायत महदपुरा, चीलपुरा में बाढ़ का पानी नीचे उतरने के बाद गांव भूड़ा, कठूमरा, शंकरपुरा, महदपुरा, बक्सपुरा आदि गांव में पहुंचकर हालातों का जायजा लिया।

राजाखेड़ा। उपखंड के करीब एक दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आने के बाद अब प्रभावित गांव में से चंबल का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है वहीं पानी उतरने के बाद बाढ़ से हुई तबाही का मंजर साफ दिखने लगा है.उपखंड के चम्बल बाढ़ प्रभावित गांव में बाढ़ के पानी ने इस कदर तबाही मचाई है कि कई लोगों के पक्के मकान धराशाई हो गए तो कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गई है। मेहदपुरा गांव में मगरमच्छ मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। राजाखेड़ा क्षेत्र के गांव महदपुरा में रविवार को जब ग्रामीण एक ट्यूबवेल के पास सफाई कर रहे थे इसी दौरान ट्यूबवेल के पास छिपा एक बड़ा मगरमच्छ सामने आ गया। मगरमच्छ को देख ट्यूबेल की सफाई कर रहे ग्रामीणों के होश उड़ गए और वे मौके से भागे। ट्यूबवेल के पास बड़े मगरमच्छ को देख गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम को बुलाया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को पकड़ा और बाद में उसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित जगह पर ले जाकर छोड़ दिया।

भूड़ा गांव में भी एक घर में घड़ियाल का छोटा बच्चा मिलने से लोगों में हड़कंप मच गया। राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने रविवार को राजाखेड़ा के चंबल बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ग्राम पंचायत महदपुरा, चीलपुरा में बाढ़ का पानी नीचे उतरने के बाद गांव भूड़ा, कठूमरा, शंकरपुरा, महदपुरा, बक्सपुरा आदि गांव में पहुंचकर हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को गांव में मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग कराने तथा पशुओं में टीकाकरण कराने के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित गांव में चंबल के बाढ़ के पानी से लोगों के घर और फसलों में हुए नुकसान का शीघ्र ही सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है इसलिए जिन क्षेत्रों से बाढ़ का पानी निकल चुका है वहां साफ-सफाई के विशेष प्रबंध किए जाएं.उन्होंने कहा कि वह क्षेत्र के लोगों की समस्या के लिए चौबीसों घंटे उनके साथ खड़े हैं किसी भी व्यक्ति को अगर कोई परेशानी है तो वे बेझिझक होकर उनसे संपर्क करें। चंबल के बाढ़ के पानी ने प्रभावित गांव में इतनी भयानक तबाही मचाई है कि इससे हजारों बीघा खेतों में लहलहा रही बाजरा- तिलहन सहित अन्य फसलें पूरी तरह से जलमग्न होकर अब सड़ चुकी है।

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