हकदारों को सम्मान!

हकदारों को सम्मान!

नरेन्द्र मोदी ने देश की सत्ता संभालने के साथ ही जमीन से जुड़े लोगों और समाज और देश को समर्पित रहे गुमनाम नायकों को पद्मश्री पुरस्कार देने का सिलसिला शुरू किया।

नरेन्द्र मोदी ने देश की सत्ता संभालने के साथ ही जमीन से जुड़े लोगों और समाज और देश को समर्पित रहे गुमनाम नायकों को पद्मश्री पुरस्कार देने का सिलसिला शुरू किया। इसी क्रम में गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में असली समाज सेवकों को सम्मानित किया गया। कर्नाटक के हरेलाला हजब्बा, जिनके पांव में चप्पल तक नहीं थी और कोई शिक्षा भी नहीं उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया। ऐसा इसलिए कि उन्होंने ठान लिया था कि स्वयं चाहे अनपढ़ रह गई, लेकिन गांव में किसी बच्चे को अनपढ़ नहीं रहने देंगी। उन्होंने संतरे बेचकर पैसे जुटाए और गांव में स्कूल खोल दिया। स्कूल में नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था उपलब्ध करवाकर अक्षर संतरे नाम से लोकप्रियता पाई। वहीं 72 वर्षीय तुलसी गौडा ने पर्यावरण की सजग प्रहरी बन तीस हजार से अधिक पौधे लगाकर समाज में आदर्श स्थापित किया। 72 वर्षीय तुलसी कपड़ों के नाम पर केवल चादर लपेटे आईं। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह जैसी हस्तियों ने प्रणाम किया जो पर्यावरण योद्धा को समर्पित था। तुलसी गौड़ा पिछले छह दशकों से पर्यावरण के संरक्षण में जुटी हैं। उन्हें जंगल में पाए जाने वाले हर पौधे व जड़ी-बुटियों की गहरी जानकारी है। इसी वजह से उन्हें इनसाइक्लोपीडिया ऑफ फॉरेस्ट कहा जाता है। पद्मश्री हासिल करने वाली महाराष्ट्र के अहमदनगर की साधारण महिला राही बाई सीमा पोपरे का पेशा खेती-किसानी है, लेकिन वह नारी सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल हैं। उन्हें पीड मदर कहा जाता है। उन्हें जैविक खेती का अच्छा अनुभव है। पद्मश्री प्राप्त करने वाली ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगती का जीवन एक संघर्ष की गाथा है। तमाम चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने जोगती नृत्य सीखा। इस पारम्परिक लोक नृत्य को जो महिलाएं करती हैं, वह ट्रांस वीमेन होती हैं। उन्हें 2006 में कर्नाटक जनपद अकादमी अवार्ड दिया गया था। आज वह लोक कला का विस्तार कर रही है। पहले जहां ऐसे लोगों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाता था, जो पाश्चात्य सभ्यता के मोह में अंधे होकर भारतीय संस्कृति का हर मंच से खुला मजाक उड़ाते थे। लेकिन अब जिन हकदारों को पद्मश्री से सम्मानित होता देखकर गर्व महसूस होता है। ये ऐसे लोग हैं जिनसे समाज को प्रेरणा मिलती है।

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