गड्ढों में नजर आ रही लोहे की सलाखें, दुर्घटना का खतरा

27 साल पुरानी पार्वती पुलिया पर गहरे गड्ढे दे रहे हादसों को न्यौता

गड्ढों में नजर आ रही लोहे की सलाखें, दुर्घटना का खतरा

प्रदेश में हर साल 1000 करोड़ रुपए सड़क रिपेयर के नाम पर खर्च होते हैं। सड़क रिपेयर के लिए हर साल भारी-भरकम बजट भी जारी होता है, लेकिन लोगों को सड़क के गड्ढों की समस्या से निजात नहीं मिल पाती। गड्ढों को भरने में सरकारी नुमाइंदों व ठेकेदारों की लापहरवाही के चलते गड्ढों को भरने में लीपा पोती कर दी जाती है। जिसका खमियाजा आमजन को दुर्घटनाओं में चोटिल होकर चुकाना पड़ता है।

किशनगंज। किशनगंज तहसील क्षेत्र में प्रवाहित होने वाली पार्वती नदी के ऊपर से गुजर रहे नेशनल हाइवे 27 की पुरानी पुलिया के ऊपर हो रहे गहरे गड्ढे आमजन के लिए मुसीबत बने हुए है। जिस पर सैंकड़ों दोपहिया वाहन चालक अब तक घायल हो चुके हैं। वही चार पहिया वाहन चालक भी बाल-बाल बचते है। पार्वती पुलिया के ऊपर पुल का निर्माण से लेकर अब तक कितनी ही बार पुलिया पर हो रहे गड्ढे से अनगिनित घटनाएं घटित हो चुकी है। वर्तमान में पुलिया पर बीच बीच मे हो रहे गहरे गड्ढों में रोज दुर्घटनाएं हो रही है। गड्ढों  से किसी भी दिन कोई बड़ी दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। आए दिन हो रही घटनाओं से प्ुालिया से गुजरने वाले वाहन चालक पुलिया से वाहन निकालने में कतराते है। कई वाहन चालक तो गड्ढों  से के डर से गलत दिशा में वाहन चलाकर निकलने का रिस्क तक उठाते है, लेकिन जिम्मेदार हाइवे प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। 

हर जोड़ पर गड्ढों की भरमार
पार्वती नदी की पुरानी पुलिया के ऊपर हो रहे गहरे गड्ढों से तो वाहन चालक बचते बचाते निकलते ही है, लेकिन गड्ढों के अंदर लोहे की सलाखें तक नजर आने लगी है। जिससे लोहे की सलाखे वाहन चालकों के लिए बड़े खतरे से कम नही पुलिया पर हर जोड़ वाहन चालक के लिए खतरे को आमंत्रित करता है। हर जोड़ पर एक से बढ़कर एक गड्ढों की भरमार है। जिनसे रोज वाहन चालकों का सामना होता रहता है। हर कोई वाहन चालक सुरक्षित पुलिया पर करने के बाद राहत की सास लेता है। 

कुछ महीने पहले ही हुई थी गड्ढों की भरपाई
सम्बंधित फर्म के द्वारा पुलिया के मुहाने एवं बीच मे हो रहे कई गड्ढों को भरने का कार्य किया गया था, लेकिन संबधित फर्म के द्वारा लापहवाही के चलते गड्ढों  को सही ढंग से नहीं भरा गया, ना ही पुलिया के जोड़ों के बीच हो रहे गहरे गड्ढों को भरा गया। जिससे पुलिया पर हो रहे गड्ढें आमजन के लिए नासूर बन गए है। 

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वाहन चालक भुगत रहे मेंटेनेंस एवं टोलभार का दोहरा बोझ
हाईवे प्रशासन की लापरवाही के चलते पार्वती नदी पर बनी पुलिया पर हो रहे गड्ढों  से गुजरने वाले वाहन चालक दिनेश ने बताया कि पुलिया पर गहरे गड्ढों में वाहनों के गिरने से वाहनों में कई प्रकार की टूटफुट होती रहती है। कई वाहनो के टायर फट जाते है। जिससे मेंटेनेंस के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है तो दूसरी ओर नेशनल हाईवे द्वारा भारी टोल वसूली की जा रही है। जिससे वाहन चालक दोहरी मार झेल रहे हैं। 

सड़क रिपेरिंग के नाम पर हो रहे करोड़ों खर्च
बात अगर राजस्थान की करें तो एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हर साल 1000 करोड़ रुपए सड़क रिपेयर के नाम पर खर्च होते हैं। सड़क रिपेयर के लिए हर साल भारी-भरकम बजट भी जारी होता है, लेकिन लोगों को सड़क के गड्ढों की समस्या से निजात नहीं मिल पाती। गड्ढों को भरने में सरकारी नुमाइंदों व ठेकेदारों की लापहरवाही के चलते गड्ढों को भरने में लीपा पोती कर दी जाती है। जिसका खमियाजा आमजन को दुर्घटनाओं में चोटिल होकर चुकाना पड़ता है। 

नेशनल हाईवे प्रशासन की लापहरवाही के चलते नेशनल हाईवे हाईवे 27 की पार्वती नदी की पुरानी पुलिया पर हो रहे गहरे गड्ढों के कारण पुलिया से गुजरने में खतरा बना रहता है। 
- महावीर नागर, वाहन चालक। 

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पुलिया पर हो रहे गहरे गड्ढों को भरा जाए। जिससे वाहन चालको को भारी मेंटिनेंस का बोझ नही झेलना पड़े। साथ ही होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके। 
- पप्पू भाई, वाहन चालक। 

पार्वती पुलिया पर हो रहे जानलेवा गड्ढों  को समय रहते नही भरा गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। जल्द ही क्षतिग्रस्त पुलिया के गड्ढों की भरपाई हो।
- योगेंद मिसाई, भाजपा नेता। 

पुलिया पर हो रहे गड्ढों  को भरने को लेकर उच्च अधिकारियों से बात हो चुकी है। दो-तीन दिन में पुलिया के मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। जिससे वाहन चालकों को राहत मिल सके।
- इमरान, इंजीनियर, टोल प्रबंधन। 

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