चिरंजीवी लाभार्थी का पहला एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट

महात्मा गांधी अस्पताल में हुआ ट्रांसप्लांट

चिरंजीवी लाभार्थी का पहला एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट

अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. हेमन्त मल्होत्रा और हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. नवीन गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ समय से बच्चा गंभीर एप्लास्टिक एनीमिया नामक बीमारी से ग्रसित था।

जयपुर। महात्मा गांधी अस्पताल के डॉक्टर्स ने एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट कर चौदह वर्षीय एक बच्चे की बीमारी को ठीक करने में सफलता हासिल की है। रोगी का उपचार चिरंजीवी योजना के तहत पूरी तरह नि:शुल्क किया गया है। राज्य का यह पहला एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट है। अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. हेमन्त मल्होत्रा और हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. नवीन गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ समय से बच्चा गंभीर एप्लास्टिक एनीमिया नामक बीमारी से ग्रसित था। प्रक्रिया के बाद रोगी की कमजोर प्रतिरोधक क्षमता को देखते हुए विशेष रूप से तैयार किए गए बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट में गहन निगरानी में रखा गया। करीब तीन हफ्ते में रोगी के शरीर में खून बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया है।

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