चीन ने एलएसी पर तैनात की तीन ब्रिगेड

अब होगी 17वीं दौर की बातचीत

चीन ने एलएसी पर तैनात की तीन ब्रिगेड

मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में पीएलए के अतिक्रमण के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा झटका लगा था। 12 नवंबर भारतीय सेना प्रमुख मनोज पांडे ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया था कि चीन एलएसी पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।

बीजिंग। चीन के साथ 3,488 किमी लंबी एलएसी पर सर्दियों में भारतीय सेना की स्थिति में बदलाव चल रहा है। लेकिन सभी नजरें पीएलए के पश्चिमी थिएटर कमांड और 20वीं पार्टी कांग्रेस से एक महीने पहले चीनी सेना की ओर से रिजर्व के रूप में बुलाई गई तीन संयुक्त सशस्त्र ब्रिगेड की गतिविधियों पर है। भारत और चीन सीमा पर तनाव जारी है। इस बीच चीनी सेना अपने वेस्टर्न थिएटर कमांड को मजबूत कर रहा है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की वेस्टर्न थिएटर कमांड के पास ही भारत से लगी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। चीन में 20वीं पार्टी कांग्रेस से एक महीने पहले चीन ने तीन संयुक्त सशस्त्र ब्रिगेड को पूर्वी और दक्षिणी से एलएसी पर पश्चिम थिएटर कमांड पर बुलाया था। भारतीय सेना के लिए यह चिंता की बात हो सकती है। भयानक सर्दियों में भारतीय सेना की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि ब्रिगेड अपने ठिकानों पर वापस जाएंगी या तिब्बत की ठंड में टिकी रहती हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर कई बार कह चुके हैं कि एलएसी पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करने की एकमात्र कुंजी है।

अब होगी 17वीं दौर की बातचीत
मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में पीएलए के अतिक्रमण के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को गहरा झटका लगा था। 12 नवंबर भारतीय सेना प्रमुख मनोज पांडे ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर दिया था कि चीन एलएसी पर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है। लद्दाख में कब्जे वाले अक्साई चिन में पीएलए सैनिकों की संख्या में कमी नहीं आई है। दोनों पक्षों की ओर से वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच अब 17वीं दौर की बैठक होगी जिसकी तारीख अभी तय की जानी बाकी है।

चीन की ब्रिगेड की तैनाती का क्या मतलब
अब चीन में 20वीं पार्टी कांग्रेस खत्म हो चुकी है और शी जिनपिंग ने बतौर राष्ट्रपति तीसरा कार्यकाल भी हासिल कर लिया है। नेशनल सिक्योरिटी प्लैनर्स को उम्मीद है कि पीएलए ब्रिगेड अपने मूल ठिकानों पर वापस चले जाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो भारतीय सेना को सर्दियों में चौकन्ना रहना पड़ेगा। हालांकि रक्षा विश्लेषक सौरभ झा ब्रिगेड की तैनाती को चीन का रक्षात्मक कदम मानते हैं जिसका उद्देश्य चुंबी घाटी को सुरक्षित करना है। हालांकि अरुणाचल प्रदेश के पास दो ब्रिगेड की तैनाती के इरादे आक्रामक हैं।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास चीन की ब्रिगेड
अधिकारियों की मानें तो सर्दियों में भारतीय सेना की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि तीनों ब्रिगेड अपने ठिकानों पर वापस जाती हैं या पश्चिमी थिएटर में गहराई वाले इलाकों में तैनात रहती हैं। हर ब्रिगेड में 4500 सैनिक शामिल हैं। एक संयुक्त सशस्त्र ब्रिगेड को चीन-भूटान सीमा के पास सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास फरी दजोंग क्षेत्र के आसपास रिजर्व के रूप में तैनात किया गया है। दो अन्य ब्रिगेड को अरुणाचल प्रदेश में तैनात किया गया है। इन्हें पूर्वी और दक्षिणी थिएटर कमांड से वेस्टर्न थिएटर कमांड में शामिल किया गया था।

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