घाटे में भी कई फायदे दे रही जयपुर मेट्रो

घाटे में भी कई फायदे दे रही जयपुर मेट्रो

करीब दस हजार से अधिक यात्री कर रहे हैं रोजाना सफर

 जयपुर। जयपुर मेट्रो हर माह करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए के घाटे में संचालन होने के बाद भी प्रतिदिन करीब दस हजार से अधिक लोगों को मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक राहत भरा सफर करवा रही है। इससे लोगों को जाम से मुक्ति मिलने के साथ ही काफी सुविधा भी मिल रही है।


जयपुर मेट्रो का फेज-1 मानसरोवर से चांदपोल तक 3 जून, 2015 और चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक 23 सितंबर, 2020 से संचालन शुरू हुआ था। शुरुआती दिनों में मेट्रो में 50 से 60 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते थे, लेकिन कोरोना काल के बाद यात्रीभार घटते हुए अब 10 हजार यात्री प्रतिदिन ही रह गया। मेट्रो संचालन के बाद मिनी बसों के कम होने के साथ ही ई-रिक्शा की संख्या बढ़ी है। जयपुर शहर में करीब 40 से 50 हजार ई रिक्शा चल रहे हैं। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ही लोगों को पॉल्यूशन से भी छुटकारा मिला है। वहीं चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक भूमिगत मेट्रो ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। मेट्रो से पहले लोगों को भीड़ भरी बसों में सफर करना पड़ता था।


मेट्रो संचालन के बाद फायदे
    पर्यावरण प्रदूषण कम हुआ।
    ई-रिक्शा आने से रोजगार के अवसर बढ़े।
    मिनी बसों और अन्य निजी वाहनों के कम होने से बाजारों में वाहनों की भीड़ कम हुई।
    सड़कों पर आए दिन लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिली

एक नजर में यह भी
    3 जून, 2015 को मानसरोवर से चांदपोल और चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक 23 सितंबर, 2020 को मेट्रो ट्रेन का संचालन शुरू हुआ।
    चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक भूमिगत मेट्रो ट्रेन का संचालन।
    178 फेरे लगाकर 10 हजार लोगों को प्रतिदिन करवा रही मेट्रो सफर।
    संचालन से मेट्रो को 112.55 करोड़ रुपए आय और 152.21 करोड़ रुपए खर्चा (यानी 3.50 करोड़ रुपए प्रतिमाह का घाटा)।
    मानसरोवर से बड़ी चौपड़ (11.9 किलोमीटर लंबे रूट) तक 10 मेट्रो ट्रेन लगा रही प्रतिदिन 178 फेरे।
    मिनीमन किराया 6 रुपए और अधिकतम किराया केवल 23 रुपए।
    एटीएम, मोबाइल टावर, पार्किंग व विज्ञापनों से मेट्रो को हो रही 3.60 करोड़ रुपए की सालाना आय। 
    मानसरोवर, न्यू आतिश मार्केट, विवेक विहार, श्याम नगर, राम नगर, सिविल लाइंस, रेलवे स्टेशन, सिंधीकैंप, चांदपोल, छोटी चौपड़ और छोटी चौपड़ मेट्रो स्टेशन पर संचालित जयपुर मेट्रो ट्रेन।

फैक्ट फाइल
वाहन    पहले    अब
मिनी बस    6000    1500
रोडवेज    5200    2800
लो फ्लोर    500    250 (मिनी बसे सहित)

दिल्ली मेट्रो से किराया कम होने के बावजूद भी जयपुर वासियों को मेट्रो ट्रेन से आरामदायक सफर कराया जा रहा है। यात्रियों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने के साथ ही राजस्व बढ़ोतरी के लिए कार्य किए जा रहे है। - अजिताभ शर्मा, सीएमडी जयपुर मेट्रो

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