प्रधानमंत्री आवास योजना: राज्य के 7 लाख 15 हजार 140 पात्र व्यक्तियों के नाम जुड़ने से रह गए वंचित

नाम जोड़ने के लिए राज्य सरकार लगातार केन्द्र सरकार से कर रही आग्रह

प्रधानमंत्री आवास योजना:  राज्य के 7 लाख 15 हजार 140 पात्र व्यक्तियों के नाम जुड़ने से रह गए वंचित

ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य के पात्र 23 लाख लोगों में से 7 लाख 15 हजार 140 पात्र व्यक्तियों के नाम जुड़ने से रह गए, इस संबंध में मुख्यमंत्री, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तथा वे स्वंय केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से मिल चुके है।

जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री रमेश मीणा ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 7 लाख 15 हजार 140 पात्र व्यक्तियों के नाम जुड़ने से रह गए है । उन्होंने कहा कि इन पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ने के लिए राज्य सरकार लगातार केन्द्र सरकार से आग्रह कर रही है।

 मीणा ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि भूमिहीन लोगों को भूखण्ड आंवटन के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि जिला पाली की पंचायत समिति रोहट में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की वरीयता सूची में 137 व्यक्तियों को स्वीकृति जारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव तथा शासन सचिव, ग्रामीण विकास के माध्यम से संबंधित जिला कलेक्टर को भूमिहीन किसानों को भूमि आवंटन के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने बताया कि इन 137 किसानों में से 98 लोग अनुसूचित जाति, 8 अनुसूचित जनजाति, 7 अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 22 लोग सामान्य वर्ग से संबंधित है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जैसे ही इन किसानों को भूमि आवंटन हो जाएगी विभाग द्वारा इन लोगों को प्रथम किश्त भी जारी कर दी जाएगी।

ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य के पात्र 23 लाख लोगों में से 7 लाख 15 हजार 140 पात्र व्यक्तियों के नाम जुड़ने से रह गए, इस संबंध में मुख्यमंत्री, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तथा वे स्वंय केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से मिल चुके है। उन्होंने बताया कि वंचित पात्र व्यक्तियों के नाम जोड़ने के लिए विभाग द्वारा केन्द्र सरकार से 11 बार पत्राचार भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत केन्द्र सरकार द्वारा कुल 13-14 पैरामीटर्स पात्रता के लिए निर्धारित किए गए है, उस आधार पर राज्य के 2 लाख 6 हजार 509 पात्र लाभार्थियों के आवेदन निरस्त कर दिये गये।
इससे पहले मीणा ने विधायक  ज्ञानचंद पारख के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि जिला पाली की पंचायत समिति रोहट में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की वरीयता सूची में नाम आने के पश्चात् 137 व्यक्तियों को स्वीकृति जारी की जा चुकी है, लेकिन आबादी भूमि में आवासीय भूखंड का पट्टा उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रथम किश्त की राशि जारी नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि योजना के प्रावधानानुसार लाभार्थी के नाम आवासीय भूखंड उपलब्ध होने पर ही प्रथम किश्त की राशि जारी की जायेगी। उन्होंने ग्रामवार 137 परिवारों का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने बताया कि सरकार उक्त को आबादी भूमि उपलब्ध होने पर नियमानुसार भूखण्ड उपलब्ध कराते हुए प्रथम किश्त की राशि जारी करने का प्रयास करेगी।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने बताया कि पाली जिले की पंचायत समिति रोहट के 1 हजार 93 परिवारों की सूचना तकनीकी कारणों से भारत सरकार के आवास प्लस ऎप पर अपलोड नहीं होने के कारण उनके नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सके है। उन्होंने इसकी सूची सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा उक्त पात्र परिवारों को वरीयता सूची में शामिल कराने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार से आग्रह किया गया है, जिस पर उनके स्तर से अंतिम निर्णय लिया जाना अपेक्षित है।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News