मुकुंदरा आबाद करो, शावको को कैद से आजाद करो

नवज्योति बनी आवाज, सड़कों पर उतरे वन्यजीव प्रेमी संगठन

मुकुंदरा आबाद करो, शावको को कैद से आजाद करो

बायोलॉजिकल पार्क से शावकों की शिफ्टिंग को लेकर दिया सांकेतिक धरना।

कोटा। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बाघों को आबाद करने में बरती जा रही लापरवाही पर वन्यजीव एवं पर्यावरण प्रेमी संगठनों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और नयापुरा स्थित वन्यजीव विभाग के बाहर सांकेतिक धरना देकर विरोध जताया। इसके बाद वाइल्ड लाइफ डीएफओ, उप वन संरक्षक मुकुंदरा व संभागीय मुख्य वन संरक्षक को ज्ञापन देकर अभेड़ा में पल रहे बाघिन टी-114 के दोनों शावकों को अविलंब मुकुंदरा के दरा अभयारणय में शिफ्ट करने की मांग की। यह धरना पगमार्क फाउंडेशन, सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन आॅफ हिस्टोरिकल एंड इकोलॉजिकल रिसोर्सेज, चंबल रेस्क्यू फोर्स और अन्य सहयोगी संस्थाओं की ओर से दिया गया। गौरतबल है कि नवज्योति ने लगातार खबर प्रकाशित कर शावकों की रिहाई की आवाज उठाई थी। जिसका समर्थन करते हुए शहर के विभिन्न प्रर्यावरण व वन्यजीव प्रेमियों ने धरना प्रदर्शन कर वन अधिकारियों का घेराव किया। 

डेढ़ साल से कैद में जी रहे शावक
पगमार्क फाउंडेशन के अध्यक्ष देवव्रत सिंह हाड़ा ने बताया कि अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में करीब डेढ़ साल से दोनों शावकों को बंधक के रूप में 30 गुणा 30 के पिंजरों में रखा जा रहा है। जबकि, इन्हें मुकुंदरा के दरा एनक्लोजर में शिफ्ट किया जाना था, जो अब तक नहीं हुआ। वर्तमान में नर शावक का वजन लगभग 150 किलो एवं मादा शावक का वजन करीब 120 किग्रा है। इन्हें चलने फिरने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती। ऐसे में उन्हें तुरंत मुकुंदरा में शिफ्ट किया जाए ताकि, भविष्य में मुकंदरा आबाद हो सके।  

विद्यार्थियों को मिले शोध का अवसर 
नेचर प्रमोटर एएच जैदी ने कहा, वन्यजीव विभाग को स्थानीय विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के साथ एमओयू करना चाहिए, जिससे जीव विज्ञान के विद्यार्थियों को शोध करने के नए अवसर प्राप्त हो सके। जिनका उपयोग विभागीय प्रबंधन में भी किया जा सकता है। विभाग एवं मुकंदरा की सीमा पर बसे ग्रामीणों के बीच संवाद की कमी है, जिसके चलते मुकंदरा का विकास प्रभावित हो रहा है। 

शावकों को जल्द करें शिफ्ट
चंबल रेस्क्यू फोर्स के अध्यक्ष बनवारी यदुवंशी ने कहा, वन्यजीव विभाग ने गत पांच वर्षों से स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों एवं उनकी जंगल से जुडी भावनाओं को दर-किनार कर खाई सी बना दी है, जिसे पाटने की जरूरत है। शावकों को जल्द मुकुंदरा में शिफ्ट किया जाना चाहिए। इस दौरान प्रभात शर्मा, ओमप्रकाश, निमिष गौतम समेत कई वन्यजीव प्रेमी उपस्थिति रहे।

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मुकुंदरा में प्रे-बेस बढ़ाने की जरूरत
सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन आॅफ हिस्टोरिकल एंड इकोलॉजिकल रिसोर्सेज के अध्यक्ष कृष्णेंद्र नामा ने कहा, मुकंदरा में बाघ-बाघिन लाने की प्रकिया में तेजी लानी चाहिए। बाघों के साथ अन्य मांसाहारी वन्यजीवों की आवश्यकतानुसार मुकंदरा में प्रे-बेस बढाने चाहिए।

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कोर एरिया में बढ़ाए पर्यटन
उर्वशी शर्मा ने कहा, मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटकों के भ्रमण के लिए नए रूट खोलने चाहिए। जिससे न केवल विभाग को आमदनी होगी बल्कि पर्यटकों के आने से वन क्षेत्र में होने वाले गैर-कानूनी कार्यों पर भी लगाम लग सकेगी। 

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