भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की क्रिस्टोफर लैंडौ से मुलाकात : वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा, अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ साझेदारी की पुष्टि की
भारत-अमेरिका कूटनीति: क्षेत्रीय स्थिरता और व्यापार पर गहन चर्चा
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों के साथ रक्षा, व्यापार और क्वॉड पर महत्वपूर्ण वार्ता की। फारस की खाड़ी और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर साझा रुख अपनाते हुए दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आगामी भारत यात्रा इस जुड़ाव को नई दिशा देगी।
वॉशिंगटन। अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने फारस की खाड़ी की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक एवं क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान दोनों ने अमेरिका और भारत के बीच घनिष्ठ साझेदारी की पुष्टि की। उनकी चर्चा ने द्विपक्षीय संबंधों की गहराई और क्षेत्रीय स्थिरता एवं वैश्विक सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। अपनी यात्रा के दौरान विदेश सचिव मिस्री ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। इस बैठक में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, रक्षा और क्वॉड ढांचे पर सहयोग की समीक्षा की गई।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इन वार्ताओं को 'रचनात्मक और भविष्योन्मुखी' बताया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि रुबियो अगले महीने भारत की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले राजनीतिक मामलों की अमेरिकी उपमंत्री एलिसन हुकर के साथ हुई बैठकों में पिछले दिसंबर के विदेश कार्यालय परामर्श के बाद हुई प्रगति, पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और अन्य साझा क्षेत्रीय चिंताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। मिस्री ने वाशिंगटन स्थित रणनीतिक विशेषज्ञों के साथ भी संवाद किया और ऊर्जा, भोजन एवं आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाली वैश्विक चुनौतियों तथा भारत-अमेरिका संबंधों पर चर्चा की। यह यात्रा भारत-अमेरिका रणनीतिक जुड़ाव की गति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर उनके सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

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