भाजपा सरकार के कारण 74 हजार करोड़ का हुआ रिफाइनरी प्रोजेक्ट : भाया

रिफायनरी प्रोजेक्ट शुरू किया गया था

भाजपा सरकार के कारण 74 हजार करोड़ का हुआ रिफाइनरी प्रोजेक्ट : भाया

आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार की वजह से प्रदेश का ड्रीम प्रोजेक्ट पेट्रोकेमिकल रिफायनरी जो कि 37 हजार करोड़ में बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी।

जयपुर। माइनिंग ऑयल और गैस को लेकर मैरियट में खान विभाग की आयोजित नेशनल कॉन्क्लेव में राजस्थान के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने खान विभाग में गहलोत सरकार में कामों की उपलब्धियों को बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार की वजह से प्रदेश का ड्रीम प्रोजेक्ट पेट्रोकेमिकल रिफायनरी जो कि 37 हजार करोड़ में बनकर तैयार हो जानी चाहिए थी। वह उनकी राजनीतिक विद्वेषता के कारण अब बढ़कर 74 हजार करोड़ का हो गया है। पिछली अशोक गहलोत सरकार में रिफाइनरी की स्थापना कर के राजस्थान के लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रिफायनरी प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, लेकिन वसुंधरा सरकार ने उसे रोक दिया। अशोक गहलोत सरकार ने फिर से आते ही इस पर काम शुरू किया है और इसे पूर्ण करने का टारगेट रखा गया है। राजस्थान में बजरी का संकट भी पूर्व बीजेपी सरकार के कारण हुआ और राजस्थान का पक्ष ठीक से नहीं रखने के कारण बजरी खनन पर प्रतिबंध लग गया।

गहलोत सरकार ने आते ही बजरी पर प्रतिबंध हटवाने का काम किया और इसे पर्यावरण नियमों का ध्यान रखकर शुरू करवाया। कोर्ट से लगे प्रतिबंध को भी हटवाया है। राजस्थान सरकार पॉलिसी भी लेकर आई, जिससे कि बजरी का विकल्प तैयार हो सके। सरकारी विभागों में एक तय मात्रा में बजरी का उपयोग करने के लिए ठेकेदारों को पाबंद किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार की शुरुआती 3 साल में अवैध खनन पर कार्रवाई, खान विभाग से राजस्व अर्जन और प्रधान और प्रधान खनिजों के ब्लॉक की नीलामी इत्यादि कार्यों में भी राजस्थान में गहलोत सरकार पिछली वसुंधरा सरकार से आगे रही है। उन्होंने कॉन्क्लेव में बाकायदा इसके आंकड़े भी रखें। उन्होंने माइनिंग ऑयल और गैस के देश भर से जुटे प्रतिनिधियों को राजस्थान में खनन के लिए तैयार की गई सरल और पारदर्शी नीति, राजस्थान सरकार की सोच इत्यादि से भी अवगत कराते हुए राजस्थान में निवेश करने की अपील की साथ ही अधिकारियों से खनन को और सरल और पर्यावरण अनुरूप बनाने के लिए अपने सुझाव देने की बात की।

कृषि के बाद माइनिंग से सबसे ज्यादा रोजगार, सरकार की नीतियों ने उद्यमियों का राजस्थान में खनन पर विश्वास बढ़ाएं: रामलाल जाट

Read More ब्लैकमेलिंग व राशनिंग पर कसेगा शिकंजा

माइनिंग ऑयल और गैस को लेकर खान विभाग की ओर से जयपुर के होटल मेरियट में चल रही है नेशनल कॉन्क्लेव में विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान के राजस्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि राजस्थान में ही नहीं पूरे देश में कृषि के बाद खनन क्षेत्र में सबसे ज्यादा रोजगार व्याप्त है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जब भी राजस्थान के मुख्यमंत्री बने हैं तो उन्होंने माइनिंग कि इस तरह की पॉलिसी लाने का प्रयास किया जिससे खनन को बढ़ावा तो मिले ही,  साथ ही राजस्थान का पर्यावरण भी संरक्षित रह सके। अवैध माइनिंग पर राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है ताकि इसका फायदा वैध खनन करने वाले लोगों को मिले। उन्होंने अपने पूर्व सरकार में खान मंत्री रहते हुए अर्जित किए गए अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वे जब खान मंत्री थे तो उन्होंने  अंतरराष्ट्रीय स्तर की हुई एक कांफ्रेंस में कहा था कि खनन क्षेत्र के लोगों को 33 फीसदी के क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण और संरक्षण के लिए वृक्षारोपण का टारगेट दिया जाता है। जबकि उन्हें यह टारगेट उनके खनन क्षेत्र में ना देकर आसपास के क्षेत्रों में दिया जाना चाहिए ताकि खनन भी प्रभावित ना हो और पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि खानों से निकलने वाले ओवरबर्डन को निस्तारित करने के लिए दी खनन व्यवसाई को पर्यावरण स्वीकृति लेनी पड़ती है जबकि वह पहले ही खनन करने के लिए पर्यावरण स्वीकृति ले चुका होता है इसलिए नियमों का सरलीकरण होना चाहिए।

अवैध खनन पर राजस्थान सरकार सख्ती से कार्यवाही कर रही इसीलिए रेवेन्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा: सुबोध अग्रवाल 

माइनिंग ऑयल और गैस की खान विभाग की ओर से जयपुर के होटल मेरियट में आयोजित नेशनल कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने से पहले राजस्थान के अतिरिक्त मुख्य सचिव खान विभाग सुबोध अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राजस्थान में अवैध खनन पर सरकार सख्ती से कार्रवाई करवा रही है। अवैध खनन को कम किया गया है उसी का कारण है कि प्रदेश को पिछले सालों अवैध खनन से रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि कोरोना महामारी भी इस दौरान 2 साल तक सारे उद्योग धंधों को प्रभावित करती रही। राजस्थान में अब यूरेनियम और पोटाश के ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं जिसके कारण प्रदेश का नाम देश में ही नहीं दुनिया भर के मानचित्र में यूरेनियम खनन के लिए चिन्हित होने लगा है। उन्होंने कॉन्क्लेव के दौरान राजस्थान के खान विभाग के द्वारा खनन खोज और नीतियों को लेकर विस्तार से सभी को जानकारी दी।

Read More द्रव्यवती नदी: कमेटी के निर्णय के बाद जेडीए करेगा भुगतान

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News