प्रशासन गांव के संग अभियान : सबसे ज्यादा बांसवाड़ा और जयपुर में सबसे कम बंटे पट्टे

प्रशासन गांव के संग अभियान : सबसे ज्यादा बांसवाड़ा और जयपुर में सबसे कम बंटे पट्टे

प्रदेश की राजधानी जयपुर फिसड्डी साबित

 जयपुर। प्रशासन गांव के संग अभियान में आवासीय पट्टे जारी करने के मामले में प्रदेश की राजधानी जयपुर फिसड्डी साबित हो रहा है। टॉप पांच जिलों में बांसवाड़ा 97.02 प्रतिशत के साथ पहले नंबर पर बना हुआ है। वहीं 49.89 प्रतिशत के साथ इस लिस्ट में जयपुर सबसे निचले स्तर पर है। कई जिलों में पट्टा वितरण की रफ्तार बहुत कम होने पर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने संबंधित जिला कलक्टरों को रफ्तार बढ़ाने की हिदायत भी दी है।


अभियान के तहत पट्टा वितरण की प्रगति को देखें तो यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल का गृह जिला कोटा, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का जिला टोंक और चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा का जिला अजमेर में अच्छी प्रगति रही है। वहीं राजधानी जयपुर में सबसे कम प्रगति के साथ मंत्री प्रमोद जैन भाया का गृह जिला बारां, मुख्यमंत्री का गृह जिला जोधपुर पिछडेÞ जिलों में सामने आए हैं। अन्य मंत्रियों की बात करें तो अल्पसंख्यक मंत्री सालेह मोहम्मद के जिले जैसलमेर, संस्कृत शिक्षा मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग और मंत्री भजनलाल जाटव का जिला भरतपुर की प्रगति भी ठीक है। ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला का बीकानेर, वन मंत्री सुखराम विश्नोई का जालौर और शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा के सीकर जिले में भी प्रगति ठीक रही है।


सर्वाधिक और न्यूनतम प्रगति वाले जिले

पट्टा आवेदन पत्र निस्तारण में सबसे अधिक प्रगति वाले जिलों में बांसवाड़ा 97.02 प्रतिशत, कोटा 94.7 प्रतिशत, करौली 93.3 प्रतिशत, टोंक 91.1 प्रतिशत और अजमेर में 90.55 प्रतिशत है। सबसे कम प्रगति वाले जिलों में जयपुर 49.89 प्रतिशत के साथ सबसे नीचे है। अन्य जिलों में बारां 56.9 प्रतिशत, हनुमानगढ़ 60.1 प्रतिशत, चूरू 65.36 प्रतिशत और जोधपुर 66.3 प्रतिशत प्रगति वाले जिले हैं।

13 पंचायतों में लगे शिविर
प्रशासन गांवों के संग अभियान के तहत बुधवार को जिले की 13 पंचायतों में शिविर लगाए गए। जिला कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने बताया कि आमजन को राहत प्रदान करने के लिए पंचायत मंडा भोपा वास, रामपुराउती, भटेरी, चंदलाई, पुनाना, बूज, विमलपुरा, रणजीतपुरा, सिरोही कला, गोनेड़ा, पालड़ी, घासीपुरा शाहपुरा एवं प्रेम नगर पावटा में शिविर लगाए।

सुमन के चेहरे पर छलकी खुशी: कोटपूतली पंचायत समिति में लाभार्थी सुमन देवी को राज्य सरकार की पालनहार योजना के अंतर्गत उसके बच्चों के लिए प्रतिमाह एक हजार रुपए की पेंशन स्वीकृत की गई। सुमन ने बताया कि उसे पालनहार योजना की जानकारी नहीं थी, लेकिन अभियान के तहत उसे इसकी जानकारी मिली और आवेदन किया तो मौके पर ही उसे लाभान्वित भी किया गया अब उसे इस योजना के माध्यम से बच्चों के पोषण में आसानी रहेगी।

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