पद स्थायी नहीं, राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं : पायलट

पता नहीं उन्हें मेरे ऊपर झूठे आरोप की सलाह कौन दे रहा

पद स्थायी नहीं, राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं : पायलट

पायलट ने कहा कि राजस्थान के अंदर 2018 में हमारी सरकार बनी तो भाजपा को हमने राजनीतिक चुनौती दी। उस समय मैं अध्यक्ष था। गहलोत के नेतृत्व में दो बार हमारी सरकार रहते हुए हम हारे। उसके बावजूद तीसरी बार पार्टी आलाकमान ने उनको मुख्यमंत्री बनाया तो हमने स्वीकार किया।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इंटरव्यू के बाद अब पायलट ने भी पलटवार किया है। पायलट ने कहा है कि गहलोत एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। मुझे उन्होंने नाकारा कहा, निकम्मा कहा, गद्दार कहा और आरोप लगाए। मैं समझता हूं कि इस प्रकार के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने की जरूरत नहीं है। मुझे नहीं पता कि उन्हें मेरे ऊपर झूठे, निराधार आरोप लगाने की सलाह कौन दे रहा है। आरोप बेबुनियाद हैं। 

आज जरूरत कांग्रेस को मजबूत करने की 

आज जरूरत इस बात की है कि हम कांग्रेस पार्टी को कैसे मजबूत करें। राहुल गांधी आज भारत जोड़ो यात्रा को लेकर निकल रहे हैं। आज मैं उनके साथ मध्य प्रदेश में था। अगले महीने राजस्थान में यात्रा आ रही है। हम सबको मिलकर उस यात्रा को कामयाब बनाना है, क्योंकि आज वो देश की जरूरत है। देश में आज भाजपा को कांग्रेस ही चुनौती दे सकती है। अभी गुजरात में चुनाव चल रहे हैं, जहां के इंचार्ज अशोक गहलोत हैं। मुझे लगता है हमको सामूहिक चुनौती देकर भाजपा को हराना चाहिए, उनकी जिन-जिन राज्यों में सरकार है। यह समय भाजपा से लड़ने का है। 

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गहलोत इतने असुरक्षित क्यों?

पायलट ने कहा कि राजस्थान के अंदर 2018 में हमारी सरकार बनी तो भाजपा को हमने राजनीतिक चुनौती दी। उस समय मैं अध्यक्ष था। गहलोत के नेतृत्व में दो बार हमारी सरकार रहते हुए हम हारे। उसके बावजूद तीसरी बार पार्टी आलाकमान ने उनको मुख्यमंत्री बनाया तो हमने स्वीकार किया। आज हमारा ध्येय होना चाहिए कि राजस्थान के अंदर सरकार रिपीट हो, यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। आज के समय पर एक वरिष्ठ और अनुभवी इस तरह की बातें बोलें, यह अनुचित है और यह शोभा नहीं देता। आज यह भी सही नहीं है कि हम एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए। यह पार्टी को एकजुट रहने का चुनौतीपूर्ण समय है। जब तक हम एकजुटता से काम नहीं करेंगे तो राजस्थान में कैसे सरकार रिपीट करेंगे। पायलट ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कभी भी इतना असुरक्षित नहीं रहना चाहिए। आज मैं इस पद पर हूं, कल नहीं रहूंगा। राजनीति में उतार चढ़ाव आते रहते हैं। हम सबको मिलकर सामूहिक रूप से मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हाथ मजबूत करने चाहिए। मुझे लगता है कि इस दिशा में काम होना चाहिए। 

राजभवन में सीएम-डिप्टी सीएम की शपथ के साथ ही झगड़ा शुरू हो गया था। हमने उन्हें कोई पीले चावल नहीं दिए थे कि सरकार गिराएं। यह विग्रह, अंतर्कलह का उनका अपना मसला है। भाजपा को कारक बनाने की कोशिश की गई। सीएम अशोक गहलोत ने तो अपने बचाव के लिए भाजपा पर आरोप लगाकर माध्यम बनाया है। चार साल में स्थापित नहीं कर पाए कि गद्दार कौन था। यह कांग्रेस आलाकमान को देखना है कि गद्दार कौन है। 
-सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा

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पायलट को गद्दार करार देने से कांग्रेस का अंतर्कलह के साथ कांग्रेस तोड़ा यात्रा की विधिवत शुरुआत है। कुर्सी की लड़ाई का अंत सरकार की विदाई से ही होगा। भाजपा के सरकार गिराने के सबूत हैं तो वे जनता के समक्ष रखने में घबरा क्यों रहे है।
-राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष

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