कोटा उत्तर वार्ड 49: झाड़ झंखाड़,सीवरेज के गड्ढे और बदबू से परेशान हैं लोग

रोड़ लाइटें कभी जलती हैं तो कभी नहीं

कोटा उत्तर वार्ड 49: झाड़ झंखाड़,सीवरेज के गड्ढे और बदबू से परेशान हैं लोग

सङको पर सीवरेज कार्य कछुआ चाल लिए चल रहा है। वाहन चालकों को गतंव्य तक पहुंचने के लिए लम्बा फेरा लगाना पड़ रहा है। कच्ची बस्ती की आबादी होने के चलते शिक्षित तबका कम है। विकाश कार्य को लेकर कहां किसे कहना है , क्या लिखना है, नहीं पाता।

कोटा। वार्ड नम्बर 49 में विमला किराना स्टोर, हनुमान जी मंदिर,मरड़िया, रामचंद्रपुरी,शिव टांक व बाबू बस्ती के निवासी आते है। जगह-जगह सीवरेज के गड्ढे, नालियों में भरा मलबा,खाली प्लाटों में उगे झाड़-झंखाड़ व लघुशंका के लिए बाजार के दुकानदारों इस इलाके में बड़ी परेशानी है।  वार्डवासियों ने बताया कि यहां लगभग छह हजार के आस-पास आबादी है। बाबू बस्ती के हर गली-मोहल्ले में कचरे का फैलाव,नालियों में गंदगी का अम्बार व कचरा गाड़ी का नियमित नहीं आना लोगों को परे५ऋशान किए है।  बिखरे  कचरे के बीच घूमते आवारा मवेशी, गाय-सांड ,प्लास्टिक थैलियों को चबाकर बीमार होकर मौत के मुंह में जा रहे हैं। मोहल्लेवासी कहते हैं कि सफाई कर्मी तो आते हैं पर इधर का कचरा उधर व उधर का कचरा इधर डालकर अपनी ड्यूटी बजाकर चलते बनते हैं। इससे मौहल्लों में कचरे का कोई स्थाई निवारण नहीं हो पा रहा है।  हम जब निगम के सफाई कर्मियों से कहते कि आप लोगों को सरकार तन्खाह देती उस हिसाब से तो मन लगाकर काम करों घास क्यों काटते हो तो कहते हैं हम जैसे करते आए हैं वैसे ही काम करेंगे । आप हमें सलाह-मशवरा ना ही दो। मोहल्लें की रोड़ लाइटें कभी जल जाती हैं तो कभी अन्धेरे का सामाज्य बना रहता है।

दूुसरा कचरा फैलाव का यह भी कारण हैं कि सीसी रोङ बनाने वाले ठेकेदार मकानों के समीप करीब 3-4 फीट जगह कच्ची छोङ देते हैं,जिससे इस कच्ची जगह में स्वीपर झाड़ूलगा भी दें तो पुन उङकर कचरा जम जाता हैं। सङको पर सीवरेज कार्य कछुआ चाल लिए चल रहा है।  वाहन चालकों को गतंव्य तक पहुंचने के लिए लम्बा फेरा लगाना पड़ रहा है।दुसरा इधर कच्ची बस्ती की आबादी होने के चलते शिक्षित तबका कम है। विकाश कार्य को लेकर कहां किसे कहना है , क्या लिखना है, हो नहीं पाता। कई दुकानदार समीप से गुजरते नाले की बदबू को लेकर परेशान हैं।एक बैल्डिग दुकान वाले के समीप गंदा मलबा युक्त पानी भरा पङा था ,तो पूछने पर दुकानदार  ने कहा कि सामने जो मकान मालिक इसके लिए कुछ नहीं कर रहा है।  हम क्या करें आगे पानी का निकास बन्द है।  यहां नियमित यह तलैया बना मच्छरों का स्थाई निवास स्थान बना पड़ा है।वार्ड के लोगों का कहना हैं कि साफ-सफाई का अभाव व नालें में मलबे के जमाव के चलते हर10 में से1 घर में मलेरियां ,डेंगू से पीड़िीत मरीज मिल जाएंगें।सीवरेज कार्य के चलते मौहल्ले के कई रास्तों की भी स्थिति लोग ठीक नहीं बता रहे।

 गली में सफाई की गाङी आती ही नहीं ,जिससे गली में कचरा फैला रहता है।  सड़को का जो सीसी कार्य करवाया वो सब सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा ही करवाया गया है। 
-राकेश स्वामी, स्थानीय वार्ड वासी 49 बाबू बस्ती

 मोहल्लें में आवारा मवेशियों के विचरण को लेकर ज्यादा दिक्कत हैं,इनसे कई दफा बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हंैं। मोहल्लें में सफाई कर्मी तो आते हैं पर सफाई को लेकर महज औपचारिकता करते हैं। कहते हैं तो बोलते हैं हमारे पास कोई यही मोहल्ला थोड़ा हैं। हमें ओर भी जगह सफाई करने जाना होता है।
-धापू देवी, स्थानीय वार्ड वासी 49 कोटा उतर

मोहल्लें में सफाई कर्मी तो आते हैं पर सफाई को लेकर महज औपचारिकता करते हैं। कहते हैं तो बोलते हैं हमारे पास कोई यही मोहल्ला थोड़ा हैं। हमें ओर भी जगह सफाई करने जाना होता है।

इनका कहना है
 मैनें वार्ड पार्षद के रूप में एक साल सेवा कार्य किया ,अभी मैं किसी कारण वश निलंंबित चल रहा हूं । यहां का कार्य कौन देख रहा है मुझे पता नहींं हैं।
-बलविंदर, निलंबित पार्षद,वार्ड नम्बर 49 कोटा उतर

बलविंदर की जगह कार्यवाहक बाबू बस्ती का विकास कार्य मैं कार्यवाहक रूप से देख रहा हूं। लोगों ने जो समस्याएं  बताई यहां ज्यादातर लोग कच्ची बस्ती के हैं। इनको करवाया गया विकास कम व शिकायतें ज्यादा दिखती है। आज से दो साल पहले इस बस्ती के यह हालात बने थे कि टूटी-सङके, पानी का जगह-जगह भराव,शाम को रोड़ लाइटों के अभाव में अन्धेरे का साम्राज्य बना था। हमने डेढ़ साल में विकास को गति देते हुए बस्ती की काया पलट की हैं। टायलेट सीवरेज का काम यह छोटी-मोटी समस्या को भी हम जल्द ही दुरूस्त करवा देंगे।
- दीपक नागर, कार्यकर्ता बाबू बस्ती कोटा उतर

 

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News