जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में हुआ तीन दिवसीय इसरो एग्जिबिशन का आगाज़

डॉ. ए एस किरण कुमार साझा की इसरो और विज्ञान  की कहानी

जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में हुआ तीन दिवसीय इसरो एग्जिबिशन का आगाज़

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन यानी इसरो ने जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के सहयोग से साइंस एग्जीबिशन 30 नवंबर को आयोजित कराई जो 2 दिसंबर तक चलेगी।  

जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय इसरो एग्जिबिशन का  उद्घाटन पद्म श्री डॉ. ए एस किरण कुमार (सदस्य, अंतरिक्ष आयोग,भारत सरकार और पूर्व अध्यक्ष, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के हाथों हुआ। स्टूडेंट्स अंतरिक्ष दुनिया को करीब से देखे और भविष्य में इसरो के साथ जुड़कर बतौर साइंटिस्ट करियर बनाए। इसी उद्देश्य से इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन यानी इसरो ने जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के सहयोग से साइंस एग्जीबिशन 30 नवंबर को आयोजित कराई जो 2 दिसंबर तक चलेगी।
 
भारत में अब तक सफलतापूर्वक छोड़े गए 104 सैटेलाइट की कहानी इसरो ने डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बच्चों के बीच पेश करी जिसे देख वो साइंस में करियर बनाने को प्रेरित हुए। डॉ.कुमार बच्चों से रूबरू हुए और उन्होंने इसरो से जुड़ी कहानियां बच्चो से साझा की।  उन्होंने  विक्रम साराभाई को इसरो की आज की आधुनिकता का श्रेय दिया। डॉ.कुमार ने बताया की पीएसएलवी की मदद से इसरो ने 34 देशों की 400 से भी अधिक सैटेलाइटस को लॉन्च किया है। इसरो ने पीएसएलवी की मदद से 104 सेटेलाइट,एक लॉन्च में अंतरिक्ष में छोड़े। उन्होंने बच्चो को प्रोत्साहित करते हुए कहा की  साधनों की कमी के बावजूद इसरो ने अपने दृढ़ निश्चय और मेहनत से कई इतिहास रचे।

उन्होंने इसरो के कई प्रोजेक्ट्स जैसे की चंद्रयान,मंगलयान,इंडियन रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट के पीछे की कहानी बता बच्चों में इसरो और विज्ञान से जुड़ने की ललक बढ़ाई। उद्घाटन में वाइस चेयरपर्सन,जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी,अमित अग्रवाल  ने साइंस को एक एक्स्ट्राऑडिनरी फील्ड बताया और कहा की ऐसे एग्जिबिशन बच्चों को इस फील्ड में करियर बनाने को प्रेरित करते है। प्रो प्रेसिडेंट,जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी, प्रो.राम रतन  ने बताया की हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स को ऐसे एग्जिबिशन पे ध्यान देना चाहिए जिससे की बच्चों में साइंटिफिक टेंप्रामेंट बने।

 उद्घाटन समारोह में अर्पित अग्रवाल (वाइस चेयरपर्सन,जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी), प्रो.विक्टर गंभीर(प्रेसिडेंट,जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी) धीमांत अग्रवाल (हेड डिजिटल स्ट्रेटजीस,जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी) मौजूद रहे।

 

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