धोखे की बिसात पर मासूम इश्क का बदला है ‘फ्रेडी’

धोखे की बिसात पर मासूम इश्क का बदला है ‘फ्रेडी’

ये कहानी है फ्रेडी (कार्तिक) एक डेंटिस्ट की जो अकेला है। मां-बाप को बचपन में खोना, वो वारदात नाइटमेयर जहां मां-बाप को मार मर जाता है।

कामयाब लेकिन तन्हा इंसान जब किसी के साथ के लिए कुछ भी कर जाए तो इश्क का जुनून हर हद पार कर जाता है। ये कहानी है फ्रेडी (कार्तिक) एक डेंटिस्ट की जो अकेला है। मां-बाप को बचपन में खोना, वो वारदात नाइटमेयर जहां मां-बाप को मार मर जाता है। उसका गवाह बना डरा सहमा फे्रडी शादी करना चाहता है। अपनी फैमिली चाहता है। सोलमेट ढूंढ रहा है, लेकिन पांच साल से मैट्रिमोनी साइट पर लड़कियों के हाथों बस शर्मिंदा होता आया है। फिर मिलती है उसे कैनाज ईरानी जो पहली नजर में उसे अपनी लगती है, लेकिन वो शादीशुदा है। उसका पति उसके साथ जानवर सा सुलूक करता है और वो चुपचाप सहती है। एक दिन सब अच्छा हो जाएगा। ये फे्रडी को मंजूर नहीं, वो उसे अपने पति से छूटकारा पा उसके साथ शादी करने को कहता है। इसके लिए वो उसके पति को उसके मार भी देता है। ये सोच के अब उसकी लाइफ में सब बदल जाएगा और बदल भी जाता है, जो उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि प्यार धोखा है या धोखा ही प्यार। आगे क्या होता है, ये मर्डर क्या सबकी जिंदगी बदल देगा। क्या ये मर्डर इश्क है या कोई और ही कारण है। क्या होगा फे्रडी का। उसके प्यार का क्या छिपा है आने वाले कल में, यही है फिल्म फे्रडी। कहानी प्यार, शादी और प्लान मर्डर पर बेस्ड है। पटकथा दिलचस्प है, जो धीमे-धीमे स्टार्ट होती है और फिर धीरे-धीरे ट्विस्ट टर्न के साथ आगे बढ़ती है। सीन बाय सीन कहानी नए आयाम सेट करती है, मगर बीच-बीच में स्लो पेस फिल्म को ड्रैग करता है। संवाद ठीक ठाक है। पारसी किरदार है पर पारसी ही मिसिंग है। अभिनय में कार्तिक शानदार लगे हैं। उम्रदराज हो रहे डॉक्टर का स्त्री देह की तरफ आकर्षित होना और फिर मासूम इश्क की खातिर खुद की बर्बादी में आबाद होने की रंगत उनकी एक्ंिटग काबिलेतारिफ है। अलाया एफ ने कैनाज के किरदार के हर शेड को अच्छे से निभाया है। बाकी कलाकर बस ठीक-ठाक हैं। निर्देशन नशे की तरह धीरे-धीरे चढ़ता है, किरदारों को दर्शकों से जोड़ने में कामयाब है, लेकिन फिल्म इंट्रेस्ंिटग होते हुए भी लंबी खींचने से ड्रैग होती है।सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। एडिटिंग औसत है। म्यूजिक अच्छा है, लेकिन फिल्म की जान पार्श्व संगीत है, जो फिल्म को उठाता है। ओवरऑल हॉटस्टार पर स्ट्रीम फिल्म फे्रडी दर्शकों से कितनी जुडेगी ये दर्शक ही तय करेंगे।

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