अपने ही शहर की सुंदरता पर लोग लगा रहे ग्रहण

लोगों ने कहा एप विकसित करें ताकि तुरन्त मिल सके टूट फूट खराबी की सूचना

अपने ही शहर की सुंदरता पर लोग लगा रहे ग्रहण

स्मार्ट सिटी कोटा शहर को पर्यटन नगरी बनाने के लिए नगर विकास न्यास व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 45 सौ करोड़ रुपए से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। लेकिन उन विकास कायों की सुंदरता को असामाजिक तत्व ग्रहण भी लगा रहे हैं।

कोटा। दृश्य 1- जेडीबी कॉलेज से बड़ तिराहे के बीच सड़क किनारे फुटपाथ पर नगर विकास न्यास ने आमजन की सुविधा के लिए लकड़ी की बैंचें लगाई हैं। लेकिन असामाजिक तत्वों ने उन बैचों को लगते ही तोड़ना शुरू कर दिया है।  कई बैंचों की लकड़यों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। लेकिन इसकी जानकारी आमजन द्वारा न्यास अधिकारियों को देने की फिलहाल कोई सुविधा नहीं है। यदि न्यास को समय पर जानकारी मिलती तो वह इनकी सुरक्षा के इंतजाम भी करता। 

दृश्य 2 - नगर विकास न्यास ने शहर को स्मार्ट बनाने के साथ ही सड़कें रोशन हो सके। इसके लिए आकर्षक लाइटें लगाई हैं। लेकिन हालत यह है कि नशेड़ियों ने अपनी 50 रुपए की एक पुड़िया के लिए उन लाइटों के खम्बों के पैनल ही तोड़कर चोरी करना शुरू कर दिया है। लेकिन इसकी जानकारी न्यास अधिकारियों तक नहीं पहुंच पा रही है। 

दृश्य 3 - न्यास ने करोड़ों  रुपए की लागत से गोबरिया बावड़ी समेत कई अंडरपास तो बना दिए। उनमें वाहन चालकों की सुविधा के लिए लाइटें भी लगाई। लेकिन अनदेखी के चलते उनमें से अधिकतर लाइटें बंद हैं। जिससे लोगों को अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। कई दिन से बंद इन लाइटों की जानकारी भी अधिकारियों को नहीं है। इसका कारण अधिकारियों तक सूचना पहुचाने की कोई व्यवस्था नहीं है। 

ये तो उदाहरण मात्र हैं। शहर में ऐसे कई विकास कार्य हैं जिन्हें न्यास ने हाल ही में कराया है। इन विकास कार्यों की देश भर में ब्रांडिंग बी की जा रही है। उन पर हजारों करोड़ रुपए भी खर्च किए हैं। लेकिन उन विकास कार्यों में ही रही छोटी-छोटी कमियों व टूट-फूट की समय पर सूचना अधिकारियों को नहीं मिल पा रही है। साथ ही समय पर उनकी मरम्मत नहीं होने से वे दुर्दशा का शिकार भी हो रहे हैं। समयानुरूप मेंटीनेंस नहीं होने से यह कुछ ही समय में भंगार हो जाएंगी। इतना ही नहीं शहर में ऐसे कई अन्य विकास कार्य हैं जहां छोटी-छोटी कमियां हैं। जिनकी जानकारी तो आमजन को है लेकिन वे उन कमियों को अधिकारियों तक समय पर नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जिससे जनप्रतिनिधियों या समाचार पत्रों के माध्यम से ही अधिकारियों को उन कमियों की जानकारी मिल पा रही है। जिससे उन्हें सही करवाने में समय भी लग रहा है। एरोड्राम अंडरपास  की जाली कई दिन तक खराब रहने से सीपेज का गंदा पानी अंडरपास में भरा रहा। अधिकारियों की जानकारी में आने पर उसे कई दिन बाद सही कराया गया। जबकि सैकड़ों लोग रोजाना उस कमी को देख रहे थे लेकिन उनके पास उस सूचना को अधिकारियों तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में आमजन की भागीदारी विकास कार्य में होना आवश्यक है। जिससे ये लम्बे समय तक सुरक्षित रह सके। सीबी गार्डन से जेडीबी कॉलेज तक रोड लाइटें तो लगा दी लेकिन उनमें से अधिकतर रात के समय बंद रहने से वहां अंधेरा रहता है। धानमंडी के सामने  मेन रोड पर अधिकतर लाइटें बंद हैं जिससे वहां रात के समय अंधेरा रहता है। 

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सुंदरता में ग्रहण लगा रहे असामाजिक तत्व
स्मार्ट सिटी कोटा शहर को  पर्यटन नगरी बनाने के लिए नगर विकास न्यास व स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत  करीब 45 सौ  करोड़ रुपए से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। लेकिन उन विकास कायों की सुंदरता को असामाजिक तत्व ग्रहण भी लगा रहे हैं। ऐसे में विकास कार्यों की सुविधा में कमी होने पर अधिकारियों को जानकारी देने की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि विकास कार्यों की सुविधा में कमी की जानकारी ऐप के माध्यम से देने की व्यवस्था कर जन भागीदारी बढ़ाई जा सकती है।

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एप या सोशल मीडिया ग्रुप बनाया जाए
नगर विकास न्यास ने शहर में विकास के नए-नए काम करवाए हैं। लेकिन उनकी सही ढंग से मॉनिटरिंग व मेंटेनेंस भी होनी चाहिए। वरना कुछ समय बाद उनकी दुर्दशा हो जाएगी। विकास कार्यों में कमी होने पर उसकी जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए न्यास का एक ऐप या सोशल मीडिया ग्रुप होना चाहिए। जिस पर फोटो समेत सूचना दी जा सके। जिससे वह समय पर ठीक करवाई जा सके।
-राजेश गौतम, तलवंडी

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अभी तो अंडरपास, फ्लाई ओवर, चौराहे, पार्कों के काम हुए हैं। जबकि आने वाले समय में रिवर फ्रंट व आॅक्सीजोन जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी तैयार हो रहे हैं। वहां भी हजारों लोगों का आवागमन होने से वहां भी इस तरह की गड़बड़ियां होंगी। असामाजिक लोग इन्हें तोड़ फोड़ जाएंगे।  लेकिन इसकी  जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाने का अभी कोई साधन नहीं है। 
-पारस राज, एडवोकेट 

न्यास का वाट्सअप ग्रुप बने
बरसों बाद कोटा में इतने अधिक विकास कार्य हुए हैं। लेकिन कुछ असामाजिक तत्व उन विकास कार्यों को नुकसान पहुंचाने से भी नहीं चूक रहे। विशेष तौर पर स्मैकची व चोर अधिक खतरनाक हो रहे हैं। साथ ही विकास कार्यों में कोई टूटफूट हो तो उसकी जानकारी आमजन अधिकारियों को देकर अपनी भागीदारी निभाए। इसके लिए  न्यास का वाट्सअप ग्रुप जारी कर उसे अधिक से अधिक प्रचारित किया जाए। उस ग्रुृप पर प्राप्त सूचनाओं पर कार्यवाही भी होगी तो जनता की भागीदारी बढ़ेगी। 
-आनंद शर्मा, भीमगंजमंडी

जारी हों टोल फ्री नम्बर 
नगर विकास न्यास को भी अन्य विभागों की तरह ही टोल फ्री नम्बर जारी करना चाहिए। जिससे किसी भी तरह की सूचना लेनी व देनी हो तो आमजन उसपर फोन कर सके।  आमजन की भागीदारी विकास कार्यों में होगी तो वे लम्बे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं। 
-सीमा खत्री, गुमानपुरा

फिलहाल यह है न्यास की व्यवस्था
शहर में न्यास द्वारा जितने भी विकास कार्य करवाए गए हैं चाहे चौराहे हों या अंडरपास व फ्लाई ओवर। उन सभी की मरम्मत व देखभाल के लिए निर्माणकर्ता कम्पनी व संवेदक से ओ एण्ड एम( किया हुआ है। 2 से 5 साल तक सबंधित फर्म व संवेदक को ही उनकी देखभाल करनी होती है।  

मेंटीनेंस में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए न्यास का एक वाट्सअप ग्रुप बनाया जाएगा। जिसका नम्बर शीघ्र ही सार्वजनिक किया जाएगा। साथ ही उस ग्रुप पर आने वाली सूचनाओं की मॉनिटरिंग के लिए एक कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। जिससे वह संबंधित  इंजीनियर या अधिकारी तक उस सूचना को पहुंचा सके। जिस पर त्वरित र्कावाई कर उसे समय पर ठीक कराया जा सकेगा। 
-राजेश जोशी, सचिव, नगर विकास न्यास

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