अब तक नहीं शुरू हुआ सिटीजन फीडबैक लेना

स्वच्छता सर्वेक्षण: 2475 अंक के लिए तो प्रयास ही शुरू नहीं किए, केन्द्रीय टीम का अगले माह है कोटा दौरा प्रस्तावित

अब तक नहीं शुरू हुआ सिटीजन फीडबैक लेना

इस सिटीजन फीडबैक में नगर निगम द्वारा एप के माध्यम से शहर वासियों से आॅनलाइन सवाल पूछे जाते हैं। एप में करीब 12 से 15 सवाल होते हैं जो शहर की साफ सफाई और नगर निगम के कामकाज से संबंधित होते हैं।

कोटा। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के भौतिक सत्यापन के लिए केन्द्रीय टीम का अप्रैल  में कोटा दौरा प्रस्तावित है। लेकिन अभी तक निगम अधिकारियों ने सिटीजन फीडैबक तक शुरू नहीं किया है। जबकि 95 सौ में से हर निगम को सर्वेक्षण में 2475 अंक सिटीजन फीडबैक के ही मिलेंगे। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से हर साल होने वाला स्वच्छता सर्वेक्षण इस बार भी होने वाला है। इस बार यह सर्वेक्षण 75 सौ की जगह 95 सौ अंक का होगा। जिसमें से सिटीजन फीैडबैक के 2250 की जगह 2475 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस सिटीजन  फीडबैक में नगर निगम द्वारा एप के माध्यम से शहर वासियों से आॅनलाइन सवाल पूछे जाते हैं। एप में करीब 12 से 15 सवाल होते हैं जो शहर की साफ सफाई और नगर निगम के कामकाज से संबंधित होते हैं। इसके लिए नगर निगम द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाता है। उस एप के बारे में अधिक से अधिक लोगों से जुड़कर उसमें अपनी राय देने के लिए जानकारी दी जाती है। जागरूकता के कार्यक्रम ऐसे स्थानों पर किए जाते हैं जहां अधिक से अधिक लोग इससे जुड़कर अपनी राय दे सकें।

नगर निगम द्वारा पूर्व के वर्षों में निगम कार्यालय से लेकर स्कूलों, कॉलेज, सरकारी व निजी  कार्यालयों और निजी कम्पनियों में जागरूकता के कार्यक्रम किए जाते हैं। इसके माध्यम से स्वच्छा सर्वेक्षण के सिटीजन फीडबैक एप की जानकारी देने और उसमें पूछे गए सवालों के जवाब किस तरह से देने  हैं उसके बारे में लोगों को जागरूकता किया जाता है। इस एप में एक मोबाइल से एक बार ही फीडबैक किया जाता है। एक व्यक्ति कई मोबाइल से फीडबैक दे सकता है। लेकिन वह अपने मोबाइल से एक बार ही फीडबैक दे सकता है। ऐसे में निगम अधिकारियों द्वारा उस जगह पर कार्यक्रम किए जाते हैं जहां अधिक से अधिक लोग अपने मोबाइल से न केवल फीडबैक दें वरन् सही जानकारी दें जिससे निगम को अंक भी अच्छे मिल सके।  शुरुआती सर्वेक्षण में कोटा नगर निगम को सिटीजन फ ीडबैक में ही अच्छे अंक मिले थे। लेकिन उसके बाद निगम अधिकारियों से लेकर पार्षदों तक ने उसमें रूचि उतनी नहीं दिखाई। जिससे इस श्रेणी में निगम को कम अंक मिलने से कोटा की रैकिंग उतनी अच्छी नहीं रह सकी। हालत यह है कि निगम ने अभी भी इस श्रेणी में अंक बढ़ाने का प्रयास ही शुरू नहीं किया है। गत वर्षों में जहां कुल सर्वेक्षण 75 सौ अंक का होता था उसे इस बार बढ़ाकर 95 सौ का कर दिया है। जिसमें सिटीजन फीडबैक के अंक भी 2250 से बढ़ाकर 2475 का कर दिया है। 

एप का लिंक ही नहीं मिला
नगर निगम कोटा दक्षिण के उपायुक्त राजेश डागा ने बताया कि निगम ने सर्वेक्षण के लिए दस्तावेज को आॅनलाइन अपलोड करने और सफाई संबंधी कार्य तो तेज कर दिए हैं। लेकिन सिटीजन फीडबैक का काम अभी तक शुरु नहीं हो सका है। इसका कारण अभी तक सिटीजन फीडबैक वाले एप का लिंक ही नहीं मिला है। जिससे उसे जनता में शेयर किया जा सके। यह एप 15 से 20 दिन के लिए ही खुलता है। उस अवधि में ही लोगों में उसमें निर्धारित सवालों के जवाब हां या ना में देने होते हैं। 

कोटा उत्तर ने निजी कम्पनी को दिया यह काम
नगर निगम कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण बनने के बाद गत वर्ष पहली बार आई सर्वेक्षण रिपोर्ट में  कोटा दक्षिण की तुलना में कोटा उत्तर की रैकिंग काफी पिछड़ी थी। इसे देखते हुए इस बार कोटा उत्तर निगम ने तो निजी कम्पनी को हायर किया है। जिसमें दस्तावेज आॅनलाइन अपलोड करने के साथ ही सिटीजन फीडबैक का काम भी वही कम्पनी करेगी। लेकिन हालत यह है कि अभी तक दोनों ही निगमों में यह काम शुरू नहीं हो सका है। 

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