ओपीडी कर दी नए ब्लॉक में शिफ्ट, एक्स रे मशीन अभी पुरानी में ही मौजूद

गलती एमबीएस अस्पताल प्रशासन की, परेशान हो रहे मरीज

ओपीडी कर दी नए ब्लॉक में शिफ्ट, एक्स रे मशीन अभी पुरानी में ही मौजूद

अस्पताल की पुरानी इमारत में वर्तमान में 6 एक्से की मशीने संचालित हैं।

कोटा। कोटा संभाग के सबसे बड़े अस्पताल एमबीएस हॉस्पिटल में मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार के द्वारा नए ओपीडी ब्लॉक का निर्माण किया गया। नई ओपीडी ब्लॉक का निर्माण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की पूरानी इमारत में भीड़ कम करने के अलावा मरीजों को सभी प्रकार की ओपीडी सेवाएं एक ही ब्लॉक में देना था। लेकिन उद्घाटन के करीब एक साल बाद भी नए ओपीडी ब्लॉक में मरीजों के लिए एक्स रे की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। जिस कारण मरीजों को दोनों इमारतों के बीच में बार बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वहीं इस अव्यवस्था की जानकारी होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अस्पताल में हर दिन 150 से 200 एक्स रे होते हैं, जिनमें बच्चों से लेकर बूढ़े भी शामिल हैं। 

ओपीडी में दिखाने के लिए अलग ब्लॉक एक्स रे के लिए अलग
राज्य सरकार की ओर से पिछले वर्ष एमबीएस अस्पताल की नई ओपीडी को लोगों के लिए समर्पित किया था। जिसमें ओपीडी के पर्ची काउंटर सहित सभी तरह की सुविधाएं शिफ्ट करने की योजना थी। अस्पताल प्रशासन द्वारा लोकार्पण के बाद ओपीडी को नए ब्लॉक में तो शिफ्ट कर दिया लेकिन एक्से रे जांच की मशीने पूराने ब्लॉक में ही रहने दी। जिसका खमियाजा अब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि ओपीडी में दिखाने के बाद मरीजों को एक्स रे कराने के लिए यहां से वहां चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं नई ओपीडी में बने एक्से रे के कमरे पर अभी तक ताला लटक हुआ है।

हर दिन आते हैं 200 से 250 मरीज
अस्पताल के आॅर्थोपेडिक वार्ड में रोज 200 से 250 मरीज आते हैं जिनमें 150 से 200 मरीजों को एक्स रे की जांच करानी होती है। ऐसे में इतने मरीजों के बार बार इधर से उधर होने में अस्पताल की व्यवस्था भी प्रभावित होती है जबकि नए ब्लॉक में एक्स रे मशीन में लिए कक्ष भू तल पर ही मौजूद है। कई बार अनजान मरीज एक्स रे के लिए कमरा ढूढने में ही रह जाते हैं। गांवों और दूरस्थ इलाकों से आने वाले मरीजों को अस्पताल के एक्स रे मशीन के कमरों के बारे में ही पता नहीं होता है।

पुराने ब्लॉक में 6 ओपीडी और एक एक्से रे मशीन आपातकालीन के लिए
अस्पताल की पुरानी इमारत में वर्तमान में 6 एक्से की मशीने संचालित हैं। किसी को एक्स रे कराना हो तो उसे पहले नई ओपीडी में पर्ची कटानी होती है फिर पुरानी इमारत में एक्स रे के लिए जाना होता है। वहीं अस्पताल प्रशासन अगर पुरानी इमारत में से 3 या 4 मशीनों को नई ओपीडी में ले आए तो बुजुर्ग और महिलाओं को परेशानी से निजात मिल सकती है। क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में मरीजों को बेवजह ही चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं इस बीच अगर डॉक्टर उठ जाए तो दिखाना मुश्किल हो जाता है।

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इनका कहना है
कुछ तकनीकी समस्या और जगह कम होने के कारण एक्स रे मशीनों को नई ओपीडी में शिफ्ट नहीं कर पा रहे थे। तकनीकी समस्या और जगह की समस्या को 10 से 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद इन्हें नए ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
- धर्मराज मीणा, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल

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लोगों का कहना
जब ओपीडी नई ब्लॉक में मौजूद है तो एक्स रे मशीन जबरदस्ती पुरानी इमारत में लगाई हुई हैं। लोगों को बेवजह ही परेशानी होती है। सारे एक ही स्थान पर हो तो मरीजों को सुविधा होने के साथ अव्यवस्था से भी निजात मिले।
- प्रकाशचंद मीणा, खेड़ा रासूलपुर

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नई ओपीडी ब्लॉक को बने हुए एक साल हो गया है, लेकिन एक्से रे कराने के लिए आज भी पूराने ब्लॉक में ही जाना पड़ता है। कई बार मरीजों को चलने में भी दिक्कत होती है अगर ये एक ही ब्लॉक में हो जाएं तो राहत मिले।
- सुरेंद्र गुर्जर, महावीर नगर

मेरे पैर में बाइक से गिरने के कारण चोट लग गई थी ऐसे में चलते नहीं बन पा रहा था। डॉक्टर ने एक्स रे के लिए लिखा तो व्हिलचेयर भी नहीं मिली जिसकी पजह से मुझे खुद ही चलकर जाना पड़ अगर एक्स रे भी नए ब्लॉक में ही होता तो परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
- गिरिराज सुमन, कालातलाब

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