फर्जी एनओसी से ऑर्गन ट्रांसप्लांट: मंत्री खींवसर को जांच कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

फर्जी एनओसी से ऑर्गन ट्रांसप्लांट: मंत्री खींवसर को जांच कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को सौंप दी है।

जयपुर। प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को सौंप दी है। सरकार अब रिपोर्ट के आधार पर दोषियों और लापरवाह जिम्मेदारों पर बड़ा कानूनी एक्शन लेने के मूड में है। वहीं पुख्ता सिस्टम बनाने के लिए सिफारिशों को लागू करने की कार्ययोजना बन सकती है। रिपोर्ट में फर्जी एनओसी से हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट में हुई अनियमितताओं, प्राप्त रिकॉर्ड से अवैध ट्रांसप्लांट के मामलों का ब्यौरा, ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए बनी कमेटियों की कब बैठकें हुई और उसमें क्या लापरवाही बरती गई, कमेटियों को तीन से घटाकर दो क्यों किया गया, बिना नियम चेयरमैन पद पर एसएमएस अस्पताल के प्रिंसिपल के अलावा अन्य क्यों लगे रहे, स्टेट ऑर्गन और टिश्यू ऑर्गेनाइजेशन यानी सोटों में मॉनिटरिंग में क्या कमी रहीं, एनओसी जारी बिना नियम अवैध रूप से कैसे होती रही, अस्पताल बेस्ड एडवाइजरी कमेटी में क्या कमियां रहीं, उसकी मॉनिटरिंग में क्या खामियां रहीं, जिम्मेदारों पर क्या-क्या सवाल खड़े हो रहे हैं, केन्द्र की एडवाइजरी के मुताबिक ट्रांसप्लांट की मंजूरी का प्रोसिजर क्यों नहीं अपनाया गया इत्यादि के बारे में पूरा विस्तृत ब्यौरा देगी। आगामी दिनों में अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को ट्रांसप्लांट ऑफ ह्यूमन एक्ट के तहत कैसे मंजूरी दी जाए, उसकी मंजूरी का सिस्टम किस तरह से हाईटेक और रियल टाइम मॉनिटरिंग वाला हो, डोनर रिसीवर के दस्तावेजों के सत्यापन की क्या प्रक्रिया हो, उनका ऑनलाइन यूनिक आईडी कैसे विकसित किया जाए इत्यादि की सुझाव और सिफारिशें भी जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट में चिकित्सा मंत्री के मार्फत सरकार को करेगी।

प्रदेश में फर्जी एनओसी व ऑर्गन ट्रांसप्लांट ह्यूमन ऑर्गन एक्ट के खिलाफ ऑर्गन ट्रांसप्लांट के मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को सौंप दी है। सरकार अब रिपोर्ट के आधार पर दोषियों और लापरवाह जिम्मेदारों पर बड़ा कानूनी एक्शन लेने के मूड में है। वहीं पुख्ता सिस्टम बनाने के लिए सिफारिशों को लागू करने की कार्ययोजना बन सकती है। रिपोर्ट में फर्जी एनओसी से हुए ऑर्गन ट्रांसप्लांट में हुई अनियमितताओं, प्राप्त रिकॉर्ड से अवैध ट्रांसप्लांट के मामलों का ब्यौरा, ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए बनी कमेटियों की कब बैठकें हुई और उसमें क्या लापरवाही बरती गई, कमेटियों को तीन से घटाकर दो क्यों किया गया, बिना नियम चेयरमैन पद पर एसएमएस अस्पताल के प्रिंसिपल के अलावा अन्य क्यों लगे रहे, स्टेट ऑर्गन और टिश्यू ऑर्गेनाइजेशन यानी सोटों में मॉनिटरिंग में क्या कमी रहीं, एनओसी जारी बिना नियम अवैध रूप से कैसे होती रही, अस्पताल बेस्ड एडवाइजरी कमेटी में क्या कमियां रहीं, उसकी मॉनिटरिंग में क्या खामियां रहीं, जिम्मेदारों पर क्या-क्या सवाल खड़े हो रहे हैं, केन्द्र की एडवाइजरी के मुताबिक ट्रांसप्लांट की मंजूरी का प्रोसिजर क्यों नहीं अपनाया गया इत्यादि के बारे में पूरा विस्तृत ब्यौरा देगी।आगामी दिनों में अब ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया को ट्रांसप्लांट ऑफ ह्यूमन एक्ट के तहत कैसे मंजूरी दी जाए, उसकी मंजूरी का सिस्टम किस तरह से हाईटेक और रियल टाइम मॉनिटरिंग वाला हो, डोनर रिसीवर के दस्तावेजों के सत्यापन की क्या प्रक्रिया हो, उनका ऑनलाइन यूनिक आईडी कैसे विकसित किया जाए इत्यादि की सुझाव और सिफारिशें भी जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट में चिकित्सा मंत्री के मार्फत सरकार को करेगी।

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