नेविगेशन सर्च इंजन का सहारा कितना सही ?

नेविगेशन सर्च इंजन का सहारा कितना सही ?

गूगल मैप तकनीकी को दो भाइयों लार्स और जेंस रासमुसेन ने वर्ष 2004 में विकसित किया था, जिसे बाद में गूगल ने खरीद कर, इसका एंड्रॉयड संस्करण लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया।

हाल में ही केरल में एक दुर्घटना में चार लोग मौत के मुंह में जाते जाते बचे। समाचार पत्रों के अनुसार ये चारों  गूगल मैप के सहारे अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। बारिश के कारण सड़क टूटी हुई थी, मार्ग में गहरा पानी जमा था, गाड़ी चालक ने गूगल मैप के आधार पर गाड़ी को गहरे पानी में उतार दिया। स्थानीय सुरक्षा इकाई और लोगों की मदद से चारों को बचा लिया गया। उसी समाचार के अनुसार पिछले वर्ष गूगल मैप के सहारे यात्रा करते दो युवा चिकित्सकों की गाड़ी नदी में उतरने के कारण उनकी मौत हो गई थी। ये दिल दहलाने वाली घटनाएं हैं। आंख मीचकर किसी तकनीकी पर निर्भर हो जाना, कितना भयावह हो सकता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

गूगल मैप/नेविगेशन सर्च इंजन 
प्राचीन समय में जब कोई पर्यटक या यात्री अनजान जगह पर जाता था तो वह अपने साथ नक्शा लेकर जाता था। जिससे वह आसानी से रास्ता ढूंढ सके। गूगल मैप या नेविगेशन सर्च इंजन भी इसी तरह का नक्शा है। जिसमें पूरे विश्व के विभिन्न स्थानों की लोकेशन, दूरी, दिशाएं देखी जा सकती हैं। गूगल मैप तकनीकी को दो भाइयों लार्स और जेंस रासमुसेन ने वर्ष 2004 में विकसित किया था, जिसे बाद में गूगल ने खरीद कर, इसका एंड्रॉयड संस्करण लोगों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया।

गूगल मैप का उपयोग 
गूगल मैप, गूगल द्वारा प्रदत्त एक ऐसी सुविधा है जिससे हजारों-लाखों लोग प्रतिदिन अपने गंतव्यों पर पहुंचते हैं। कैब/टैक्सी/ऑटो चालक और विशेषकर पर्यटक तो इस सेवा का प्रयोग सबसे अधिक करते हैं। अनजान जगहों पर पर्यटकों का एक मात्र सारथी बनता है गूगल मैप। हम सभी ने कभी न कभी इस सुविधा का प्रयोग जरूर किया है। कुछ मामलों में अपवाद हो सकता है वरना आज जब सुरक्षा की दृष्टि से किसी अनजान व्यक्ति से अपने गंतव्य का रास्ता पूछना ठीक नहीं है। ऐसे में गूगल मैप आपको आपके डेस्टिनेशन तक पहुंचने में मददगार बनता है।

पर्यटन में सावधानी जरूरी 
ये मानवीय प्रवृति है कि वह जिस चीज को एक दो बार सफलता पूर्वक इस्तेमाल कर लेता है, फिर वह उस चीज का आंख मीचकर प्रयोग करता है। ऐसा ही गूगल मैप/नेविगेशन के साथ हुआ है। अगर पर्यटकों की बात की जाए,तो वे गूगल मैप या किसी भी नेविगेशन सर्च इंजन के सहारे किसी भी पर्यटन स्थल की यात्रा करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपनी गाड़ी उठाई और निकल पड़े,अनजान पर्यटन स्थलों के भ्रमण पर, बिना किसी जोखिम की परवाह किए। पर्यटकों की यह सोच उन्हे ंपरेशानी में डाल सकती है। जरूरी है कि चलने से पूर्व अपने डेस्टिनेशन की पूर्ण जानकारी आपके पास हो।

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सुविधा के साथ सीमाएं भी हैं  
आधुनिक तकनीकी ने मानव जीवन को सुविधाजनक बना दिया है परंतु प्रत्येक तकनीक की कुछ सीमाएं हैं। इन सीमाओं का हल खोजा जाना अभी शेष है। गूगल मैप सैटेलाइट के द्वारा विभिन्न गंतव्यों की जानकारी उपलब्ध करवाता है। और इसमें कोई शक नहीं की यह जानकारी समय समय पर अपडेट भी की जाती होगी। गूगल ने जमीनी सच्चाई से संबंधित डेटा की जांच करने और उन्हें सही करने के लिए स्वयंसेवकों को भी नियुक्त किया है। परंतु कुछ रिमोट लोकेशंस ऐसेभी होते हैं जहां मौसम और भौगोलिक स्थिति में परिवर्तन के कारण वहां तक पहुंचने के मार्ग भी बदल जाते हैं। जैसे घने जंगल, ऊंचे पहाड़, या नदी झरनों वाले पर्यटन स्थल आदि।

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नेविगेशन सर्च इंजन की कार्यप्रणाली 
गूगल मैप या कोई भी नेविगेशन सर्च इंजन विभिन्न तकनीकों का प्रयोग कर नक्शा तैयार करता है जैसे सैटेलाइट इमेजिंग  की मदद से ली गई तस्वीरों का प्रयोग कर सड़कों, बैंक, अस्पताल एवं अन्य चीजों को चिन्हित करना। रास्ते में ट्रैफिक जाम की जानकारी गूगल मैप को एडवांस में सैटेलाइट और अन्य लोगों के स्मार्टफोन में ऑन हुई लोकेशन की मदद से  ट्रैक करके होती है। गूगल मैप उपरोक्त जानकारी को ट्रैक कर एनालिसिस करता है और फिर ट्रैफिक की स्थिति का हाल दिखाता है।  इसके अलावा हम सटीक लाइव ट्रैफिक स्थिति बताने हेतु गूगल मैप मशीन लर्निंग का भी लगातार इस्तेमाल करता है।

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नेविगेशन के लिए खुद के ज्ञान का प्रयोग
नेविगेशन सर्च इंजन पर आंख मीचकर विश्वास करने से बचें। गूगल मैप के साथ साथ स्थानीय जन संपर्क संबंधी विभाग जैसे कुरियर सर्विस सेंटर, पोस्ट ऑफिस, पुलिस स्टेशन, ट्रैफिक पोस्ट आदि आपको आपके गंतव्य की सही जानकारी उपलब्ध करवा सकते हैं। गूगल मैप प्रयोग करते समय, अपने वाहन की प्रकार चुनना न भूलें, जैसे आप पैदल चल रहे हैं या फिर दो पहिया या फिर चार पहिया वाहन का प्रयोग कर रहे हैं क्योंकि इसी के आधार पर आपको अपने गंतव्य का मार्ग बताया जाएगा। जैसे आप कार से जा रहे हैं और आपने पैदल चलने फैसला कर रखा है तो नेविगेशन आपको वो गलियां या मार्ग भी दिखा सकता है, जिसमे पैदल जाना संभव है पर कार से जाना नहीं। पर्यटक विशेषकर, घर से निकलने से पूर्व, अपनी पूरी यात्रा का एक मैप, कागज पर बना कर अपने साथ रखें, तरीका पुराना है पर आज भी प्रभावी है। रास्ते में अनजान व्यक्तियों से रास्ता पूछने की भूल कभी न करें। जस्ट डायल की सेवा से भी आपको गंतव्यों तक पहुंचने में कुछ मदद मिल सकती है। 

-राजेंद्र कुमार शर्मा 
(ये लेखक के अपने विचार हैं)

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