जाको राखे साइयां...एसएचओ ने लाश में फूंक दी जान, फंदे से उतारकर दिया सीपीआर, लौट आईं युवक की सांसें
सीपीआर से पुलिस ने बचाई युवक की जान
मध्य प्रदेश के नागदा में फांसी पर झूल चुके युवक को पुलिस ने मौत के मुंह से खींच लिया। थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने सीपीआर तकनीक का इस्तेमाल कर धैर्य यादव की सांसें लौटाईं। समय पर कार्रवाई से युवक की जान बच गई।
नई दिल्ली। कहते हैं कि जीवन मरण सब ऊपरवाले के हाथ होता है। जब तक जिंदगी लिखी है, तब तक मौत कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इसका एक उदाहरण मध्य प्रदेश के नागदा (उज्जैन) में देखने को मिला। जहां फांसी पर झूल चुके युवक की जान बचा ली गई और उसे बचाया भी पुलिस ने। हालांकि फंदे पर लटके युवक को उसके परिजनों ने मृत मान लिया था। मौके पर रोना बिलखना भी शुरू हो गया था, लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने सीपीआर तकनीक का प्रयोग करते हुए उस युवक की जान बचा ली, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी रोज की तरह नियमित गश्त पर निकले थे। तभी रात करीब डेढ़ बजे घबराया हुआ एक व्यक्ति उनके पास आया और बोला कि उनके पुत्र ने फांसी लगा ली है।
सीपीआर तकनीक का प्रयोग किया
सूचना की गंभीरता को समझते हुए थाना प्रभारी अमृतलाल बगैर देरी किए अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जहां पाया कि युवक ने अंदर से दरवाजा बंद किया हुआ है और वह फंदे पर झूल रहा है। पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और युवक धैर्य यादव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा। जिस स्थिति में धैर्य फंदे पर लटका मिला, उसे देखकर परिजनों ने युवक को मृत मान लिया था और रोना-बिलखना भी शुरू हो गया था। लेकिन थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने हार नहीं मानी और जीवन रक्षा के लिए अपने प्रशिक्षण में अर्जित सीपीआर तकनीक का प्रयोग करते हुए एक प्रयास किया, नतीजतन युवक की सांस लौट आई और उसकी जान बच गई। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।
समाज के प्रति प्रेरणादायक उदाहरण
सीपीआर देने पर युवक की सांस लौटते ही, थाना प्रभारी खुद उसे अपनी गाड़ी में डालकर अस्पताल ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद धैर्य यादव को रतलाम हॉस्पिटल भेज दिया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

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