प्रियंका गांधी ने दी कांशी राम की जयंती पर श्रद्धांजलि, सामाजिक न्याय के महारथी और दलितों एवं अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों की सशक्त आवाज के रूप में किया याद
प्रियंका गांधी ने सामाजिक न्याय के महापुरुष को किया नमन
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बहुजन आंदोलन के प्रणेता कांशी राम को उनकी जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कांशी राम को दलितों और पिछड़ों की सशक्त आवाज़ बताते हुए कहा कि उनके विचारों ने समानता और संवैधानिक न्याय को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। कांशी राम का राजनीतिक सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन का संघर्ष पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को बहुजन आंदोलन के नेता कांशी राम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सामाजिक न्याय के महारथी और दलितों एवं अन्य हाशिए पर पड़े समुदायों की सशक्त आवाज के रूप में याद किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सुश्री गांधी ने कहा कि कांशी राम के जीवन और विचारों ने समानता और न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने लिखा, सामाजिक न्याय की विचारधारा के महापुरुष और दलितों, हाशिए पर पड़े लोगों और शोषितों की सशक्त आवाज श्री कांशी राम जी की जयंती पर हार्दिक श्रद्धांजलि। अपने विचारों और आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने समानता एवं न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके विचार हम सभी को सदा प्रेरित करते रहेंगे।
कांशी राम का जन्म 1934 में पंजाब में हुआ था। स्वतंत्रता के बाद के भारत में दलित आंदोलन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की और हाशिए पर पड़े समुदायों को संगठित करने का काम किया, साथ ही ऐतिहासिक रूप से वंचित समूहों के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं सामाजिक सशक्तिकरण की वकालत की।
उन्होंने पिछड़े एवं अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी संघ (बीएएमसीईएफ) और बाद में दलित शोषित समाज संघर्ष समिति (डीएस-4) जैसे संगठनों की भी स्थापना की, जिसने दलितों, पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के बीच एक व्यापक सामाजिक-राजनीतिक आंदोलन की नींव रखी।
कांशी राम के प्रयासों ने उत्तर भारत में दलित राजनीति को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया और मायावती जैसी नेताओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया, जो बाद में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। सामाजिक न्याय एवं राजनीतिक सशक्तिकरण में उनके योगदान को याद करने के लिए पूरे देश में उनके समर्थकों और राजनीतिक नेताओं द्वारा उनकी जयंती मनाई जाती है।

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