गर्मी के मौसम में आमजन को पेयजल की नहीं होगी परेशानी : मुख्यमंत्री ने हर गांव एवं कस्बे में प्रभावी पेयजल प्रबंधन के दिए निर्देश, नलकूपों की मरम्मत और पाइपलाइनों को करे दुरस्त
पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को लेकर कार्ययोजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी को देखते हुए अधिकारियों को हर गांव-कस्बे में पेयजल प्रबंधन मजबूत करने के निर्देश दिए। नए हैंडपंप-नलकूप लगाने, पुराने स्रोतों की मरम्मत और पाइपलाइन दुरुस्त करने पर जोर दिया। 181 हेल्पलाइन पर आई पानी की शिकायतों का 24 घंटे में समाधान करने को कहा। 41 जिलों के लिए कंटिन्जेंसी प्लान तैयार, 19 मार्च से विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान शुरू होगा।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गर्मी में आमजन को पेयजल के लिए कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी एवं जिला कलक्टर्स तैयार कंटीन्जेंसी प्लान के अनुसार हर गांव और हर कस्बे में प्रभावी मॉनिटरिंग कर पेयजल प्रबंधन सुनिश्चित करें। सीएम सीएमओ में ग्रीष्मकालीन पूर्व तैयारियों को लेकर बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए निर्बाध पेयजल आपूर्ति के लिए नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने के साथ ही पुराने हैण्डपम्प व नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने सहित पूरे किए जाएं।
पानी की समस्या का 24 घण्टे में हो निस्तारण: सीएम ने कहा कि पीएचईडी और बिजली विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि हेल्पलाईन नंबर 181 पर प्राप्त होने वाली पेयजल संबंधी समस्याओं का 24 घण्टे में समाधान किया जाए। गांव-शहरों का प्लान तैयार: बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सभी 41 जिलों के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लिए कंटिन्जेंसी प्लान तैयार किया जा चुका है। इस दौरान जिला कलक्टर बीकानेर ने नहरी क्षेत्र, जिला कलक्टर जोधपुर ने मरुस्थलीय जिलों, जिला कलक्टर डूंगरपुर ने ट्यूबवैल आधारित पेयजल आपूर्ति एवं जिला कलक्टर उदयपुर ने आदिवासी व पहाड़ी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को लेकर कार्ययोजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
गांवों तक पहुंचेगा विकास का रोड़मैप: शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर एवं शहरी नगर निकाय क्षेत्रों में विकास का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए 19 मार्च से विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की शुरुआत करने जा रही है। सीएम ने कहा कि गत दो वर्षों में राज्य में हमने लगभग 19 करोड़ पौधे लगाए हैं तथा इस वर्ष भी 10 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। वृक्षारोपण के लिए स्थानों का चिन्हीकरण कर लिया जाए एवं स्थानीय विशेषताओं के आधार पर फलदार वृक्ष भी लगाए जाएं।

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