गहलोत ने पीएम को दी सलाह, कहा- दक्षिण की चिंता को गंभीरता से लें मोदी, बन सकते हैं 60 के दशक के हालात
तमिलनाडु सीएम ने जो चेतावनी दी है वो बहुत ही खतरनाक
देश में परिसीमन को लेकर तमिलनाडु और तेलंगाना के मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र सरकार को चेतावनी देने के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी केंद्र सरकार को दक्षिण के राज्यों की चेतावनी को गंभीरता से लेने को कहा है।
जयपुर। देश में परिसीमन को लेकर तमिलनाडु और तेलंगाना के मुख्यमंत्री की ओर से केंद्र सरकार को चेतावनी देने के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी केंद्र सरकार को दक्षिण के राज्यों की चेतावनी को गंभीरता से लेने को कहा है। गहलोत ने कहा कि मोदी को दक्षिण की चिंता को गंभीरता से लेना चाहिए, नहीं तो 60 के दशक के हालात बन सकते हैं। गहलोत ने बुधवार को जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर दक्षिण के लोगों को यह महसूस हो गया कि उत्तर भारतीय हमारे ऊपर अनावश्यक परिसीमन थोप रहे हैं तो स्थिति कमजोर हो सकती है, हालत बिगाड़ सकते है, तमिलनाडु सीएम ने जो चेतावनी दी है वो बहुत ही खतरनाक है।
जैसे 1960 के दशक में दक्षिण के राज्यों में आंदोलन हुए थे कहीं वैसे ही स्थिति नहीं बन जाए। तमिलनाडु सीएम ने अपनी बात कही है उससे अंदाजा लगा लीजिए कि उनके दिलों में आग लगी हुई है, यह बहुत ही संवेदनशील मामला है।महिलाओं को आरक्षण मिले यह सभी विपक्ष के लोग चाहते हैं, लेकिन परिसीमन का जो तरीका अपना रहे हैं वह ठीक नहीं है। केंद्र सरकार 2021 में जनगणना नहीं करा पाई और बहानेबाजी करती रही, जबकि जनगणना हो जानी चाहिए थी। अब जनगणना के कमिश्नर कह रहे हैं कि 2027 में जनगणना कराएंगे। गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार के मन में खोट है और यह षड्यंत्र कर रहे हैं। अगर संसद में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हुआ तो यह कहेंगे कि विपक्ष ने महिलाओं को आरक्षण का बिल पास नहीं होने दिया। इस तरह का षड्यंत्र उचित नहीं है।

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