त्योहारों से पहले जयपुर में गैस संकट : एजेंसियों पर लंबी कतारें, ब्लैक में बिक रहे हैं सिलेंडर
अतिरिक्त सिलेंडर मंगाए जा रहे
जयपुर में त्योहारों से पहले रसोई गैस संकट गहरा गया है। एजेंसियों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई उपभोक्ता खाली हाथ लौट रहे हैं। बुकिंग के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, जबकि बाजार में ब्लैक में दोगुनी कीमत पर उपलब्ध है। हॉकर्स फोन नहीं उठा रहे। प्रशासन अतिरिक्त सिलेंडर मंगाने और ब्लैक मार्केटिंग पर कार्रवाई का दावा कर रहा है।
जयपुर। बड़े त्योहारों से ठीक पहले राजधानी जयपुर में रसोई गैस की किल्लत गहराती जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से पर्याप्त आपूर्ति के दावें किए जा रहे हैं, लेकिन हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं। शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। त्योहारों के चलते घरेलू गैस की मांग अचानक बढ़ गई है, लेकिन आपूर्ति उसी अनुपात में नहीं हो पा रही। इसका फायदा उठाते हुए कुछ एजेंसियों और बिचौलियों पर सिलेंडर ब्लैक में बेचने के आरोप भी लग रहे हैं। कई जगहों पर दोगुणा कीमत वसूल की जा रही है।
अतिरिक्त सिलेंडर मंगाए जा रहे
जिला प्रशासन का कहना है कि गैस की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए कंपनियों से अतिरिक्त सिलेंडर मंगाए जा रहे हैं और ब्लैक मार्केटिंग की सूचना पर कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों के बीच गैस संकट ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अगर जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो त्यौहार के मौके पर कई घरों की रसोई पर असर पड़ सकता है।
हॉकर्स बना रहे हैं बहाने
घरों पर गैस सप्लाई करने वाले कंपनियों के हॉकर्स उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठा रहे हैं। उठा भी लेते हैं, तो गाड़ी नहीं आने का बहाना बना कर फोन काट रहे हैं। कंपनियों की ओर से जारी नंबरों पर गैस बुकिंग नहीं हो रही है।
लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा
उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग कराने के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा, जबकि बाजार में अधिक कीमत देकर तुरंत सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। शहर के विभिन्न इलाकों से मिली जानकारी के अनुसार कई एजेंसियों पर सिलेंडर लेने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। महिलाओं को भी लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि प्रशासन की ओर से स्थिति पर कड़ी निगरानी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में गैस वितरण व्यवस्था पटरी पर नहीं है। कई लोगों ने कहा कि त्योहारों के समय ऐसी समस्या इस बार सबसे ज्यादा आई है। अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।

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