शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ा: सेंसेक्स, निफ्टी में दो प्रतिशत तक की गिरावट
शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1470 अंक टूटा, निफ्टी में भारी गिरावट
ईरान युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय शेयर बाजार धराशायी हो गया। सेंसेक्स 1470 अंक और निफ्टी 488 अंक गिरकर बंद हुए। निवेशकों ने मुद्रास्फीति और मार्जिन दबाव के चलते चौतरफा बिकवाली की। रिलायंस और एलएंडटी जैसे दिग्गजों में भारी गिरावट रही, जबकि FII की निकासी ने बाजार का सेंटिमेंट बिगाड़ दिया।
मु्ंबई। ईरान युद्ध के चलते वैश्विक बाजार में गहराते संकट के बीच भारत के शेयर बाजारों में तेज गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा और प्रमुख सूचकांकों में दो प्रतिशत या उससे अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गयी। पश्चिम एशिया की स्थिति से ईंधन और मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ती चिताओं के चलते आज स्थानीय शेयर बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी। विश्लेषकों के अनुसार मार्जिन मनी का दबाव बढ़ने से निवेशकों को अपने अल्पकालिक दबाव से निपटने के लिए बिकवाली करनी पड़ रही है।
इन सबके सम्मिलित प्रभाव से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 प्रमुख शेयरों वाला निफ्टी-50 कल की तुलना में 488.05 अंक यानी 2.06 प्रतिशत गिर कर 23151.10 अंक पर बंद हुआ। बीएसई30 सेंसेक्स में 1470.50 अंक यानी 1.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी और यह 74563.92 पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान बीएसई30 शुरू में ही बड़ी गिरावट के साथ 75,444.22 पर खुलने के बाद सुधर कर 75,576.20 तक गया लेकिन लेकिन यह तेजी टिकी नहीं और लगातार गिरावट के बीच एक समय दिन के न्यूनतम 74,454.60 पर पहुंचने के बाद अंत में 74,563.92 पर बंद हुआ। कल सेंसेक्स करीब एक प्रतिशत गिरावट के साथ 76,034.42 पर बंद हुआ था।
बीएसई में आज 30 में से 29 शेयरों में घाटा हुआ। केवल हिंदुस्तान लीवर (1.18 प्रतिशत) और भारती एयरटेल (0.33 प्रतिशत)- ये दो शेयर ही फायदे में दिखे। एल एंड टी में सबसे अधिक (7.52 प्रतिशत) की गिरावट रही। एसबीआई, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, बीईएल, में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। इंडिगो, कोटक बैंक, इटर्नल, एचसीएल टेक, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा एक्सिस बैंक को भी दो प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ।
निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 2.04 प्रतिशत, निफ्टी बैंक 2.44 प्रतिशत, निफ्टी 100 2.15 , निफ्टी मिड कैप 100 में 2.65 प्रतिशत तथा स्माल कैप 100 सूचकांक में 2.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। बीएसई में आज 941 शेयर (21.22 प्रतिशत) लाभ में 3348 शेयर (75.51 प्रतिशत) घाटे में और 145 (3.27 प्रतिशत ) शेयरों के भाव स्थिर रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, " बाज़ार में देखी गई तेज़ गिरावट कई कारणों के एक साथ आने से हुई है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने व्यापक आर्थिक झटके पैदा किए हैं, वहीं निवेशकों को मार्जिन से जुड़े तकनीकी दबावों के कारण अल्पकालिक पोज़िशन को निपटाना करना पड़ा। कच्चे तेल की कीमतें फिर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं, जिससे महंगाई, कॉरपोरेट मार्जिन और रुपये की स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।"
उन्होंने कहा कि मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, क्योंकि आपूर्ति संबंधी बाधाएं और इनपुट लागत में वृद्धि से कारोबार और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका है। बढ़ती अस्थिरता ने शेयर बाजार में मुनाफे के लिए ट्रेडिग करने वालों के मनोबल को कमजोर किया, जिसके चलते लगातार बने भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच वे सप्ताहांत में अपनी पोज़िशन लेकर जाने से बचते दिखाई दिए। श्री नायर ने कहा, ''घरेलू संस्थागत निवेशकों और खुदरा निवेशकों की ओर से खरीदारी का समर्थन नहीं मिलने तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी ने बाज़ार में गिरावट को और तेज कर दिया।"

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