ड्यूटी से गायब 678 सरकारी डॉक्टर्स, 5 मई तक ज्वॉइनिंग नहीं तो प्रेक्टिस पर रोक या लाखों का जुर्माना
सरकारी सेवाओं में पांच साल सेवा का अनुबंध
राजस्थान में सरकारी सेवा में कार्यरत ऐसे 678 डॉक्टरों पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी है जों लंबे समय से सरकारी ड्यूटी से गायब चल रहे। चिकित्सा विभाग ने इन्हें 5 मई तक जोइनिंग करने का आखिरी अल्टीमेंटम।
जयपुर। राजस्थान में सरकारी सेवा में कार्यरत ऐसे 678 डॉक्टरों पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी है जों लंबे समय से सरकारी ड्यूटी से गायब चल रहे हैं। चिकित्सा विभाग ने इन्हें 5 मई तक जोइनिंग करने का आखिरी अल्टीमेंटम दिया है। अगर इस अवधि में इन्होंने जोइनिंग नहीं की तो इन्हें सेवाओं से टर्मिनेट करने के साथ ही इनकी प्रेक्टिस पर रोक लगाने के लिए राजस्थान मेडिकल काऊंसिल से इनका रजिस्ट्रेशन निरस्त किया जाएगा। अन्यथा सरकारी सीट से पीजी करके आने वाले डॉक्टरों को सरकारी सेवा में कार्य करने के अनुबंध के तहत 30 से 80 लाख रुपए तक जुर्माना भरना होगा। विभाग ने इन सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
अधिकांश डॉक्टर जो ड्यूटी से गायब
विभाग के अनुसार इनमें अधिकांश डॉक्टर वे हैं जो एमबीबीएस के बाद पीजी करने के लिए नौकरी से अवकाश लेकर गए थे। पीजी पूरी करने के बाद विभाग की पोस्टिंग देने के बावजूद उन्होंने अब तक जोइनिंग की। इसके अलावा कुछ डॉक्टर लंबे समय तक एपीओ रहे और जोइनिंग नहीं दी। जबकि कुछ का एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर किया गया, लेकिन उन्होंने नई पोस्टिंग पर भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
सरकारी सेवाओं में पांच साल सेवा का अनुबंध
सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों से सरकार पांच साल सरकार को अपनी सेवाएं देने का बान्ड भरवाती है। वर्ष 2019 से पहले सरकार ने बान्ड की राशि 30 लाख तय कर रखी थी। वहीं इसे 2019 के बाद बढ़ाकर 80 लाख कर दिया था। इस श्रेणी में आने वाले डॉक्टरों ने अगर पांच साल की सेवाएं पूरी नहीं की और ड्यूटी से गायब हैं तो उन्हें यह बान्ड की राशि भी जुर्माने के तौर पर चुकानी होगी।
होगी सख्त कार्रवाई
यूजी के बाद पीजी के लिए गए डॉक्टर अगर इस समयावधि तक नहीं लौटे तो उनका रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के साथ ही बान्ड की राशि वसूली के आदेश जारी होंगे। साथ ही बर्खास्तगी की कार्रवाई भी होगी।
- डॉ.रविप्रकाश शर्मा, निदेशक, जनस्वास्थ्य, चिकित्सा विभाग। ु

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