आमेर में ‘तमाशा गोपीचंद भर्तृहरि’ का सफल मंचन, 250 वर्ष पुरानी परंपरा रही आकर्षण का केंद्र
विरासत का रंग: आमेर में गूंजा 'तमाशा गोपीचंद भर्तृहरि'
जयपुर के आमेर स्थित अंबिकेश्वर महादेव मंदिर में 250 साल पुरानी लोकनाट्य परंपरा ‘तमाशा’ का शानदार मंचन हुआ। कलाकार दिलीप भट्ट और उनकी टीम ने स्व. बंशीधर भट्ट रचित 'गोपीचंद भर्तृहरि' की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चैत्र अमावस्या पर आयोजित यह उत्सव राजस्थान की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
जयपुर। आमेर स्थित अंबिकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में पारंपरिक लोकनाट्य ‘तमाशा गोपीचंद भर्तृहरि’ का सफल मंचन संपन्न हुआ। तमाशा साधक दिलीप भट्ट ने स्व. बंशीधर भट्ट रचित प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संस्था प्रवक्ता सचिन भट्ट के अनुसार, 250 वर्ष पुरानी यह परंपरा आज भी जीवंत है और हर वर्ष चैत्र अमावस्या पर आयोजित की जाती है।
मंचन में दिलीप भट्ट, गोपेश भट्ट, ईश्वर दत्त माथुर सहित अन्य कलाकारों ने भाग लिया, जबकि तबले पर शैलेन्द्र शर्मा, हारमोनियम पर शेर खान और सारंगी पर मनोहर टांक ने संगत दी। कार्यक्रम को दर्शकों ने खूब सराहा।

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