दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही, डीजल और जेट ईंधन की कमी के खतरे की दी चेतावनी : दिमित्रीव
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता बड़ा खतरा
रूसी विशेषज्ञ किरिल दिमित्रीव ने चेतावनी दी है कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल तक जा सकती हैं। ईंधन की कमी से यूरोप में उड़ानें रद्द होने और वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
मॉस्को। रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) के सीईओ और अन्य देशों के साथ निवेश एवं आर्थिक सहयोग के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष प्रतिनिधि किरिल दिमित्रीव ने कहा कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है और उसे इसका एहसास भी नहीं है। दिमित्रीव ने एक्स पर टिप्पणी करते हुए कहा, "दुनिया इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की ओर नींद में चलती जा रही है और अब जाकर कुछ समझदार लोग इस पर ध्यान देना शुरू कर रहे हैं।" उन्होंने साथी निवेशक एरिक नटाल के ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि तेल की कीमत जल्द ही 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी।
इससे पहले, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने यूरोप में डीजल और जेट ईंधन की कमी के खतरे की चेतावनी दी थी।इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महानिदेशक विलियम वाल्श ने बाद में कहा कि जेट ईंधन की कमी के कारण मई के अंत तक यूरोप में उड़ानें रद्द होना शुरू हो सकता है जैसा कि पहले से ही कुछ एशियाई देशों में हो रहा है।
ईरान को लेकर बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से अवरुद्ध हो गया है और इससे तेल निर्यात और उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इस अवरोध के कारण, दुनिया के अधिकांश देशों में ईंधन एवं औद्योगिक उत्पादों की कीमतें बढ़ रही हैं।

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