भजनलाल शर्मा ने दिए निर्देश : बिना परमिट और सुरक्षा मानकों वाली बसें होंगी सीज, 22 सितंबर से शुरू होगा "सुरक्षित सफर अभियान"
बालिका सुरक्षा को लेकर कड़ा अभियान शुरू
दरअसल, सरकार ने सभी स्कूली वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया था।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर आरटीओ प्रथम 22 सितंबर से बालिका सुरक्षा को लेकर कड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। "सुरक्षित सफर अभियान" के तहत बिना परमिट, बिना सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा मानकों के बिना संचालित बसों को मौके पर ही सीज किया जाएगा। आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर तीन विशेष दल गठित किए गए हैं, जो स्कूल और कॉलेजों में चल रही नियम विरुद्ध बसों व टेम्पो ट्रैवलर्स पर कार्रवाई करेंगे। आवश्यक मापदंड पूरे करने पर ही जब्त वाहन दोबारा रिलीज़ होंगे।
दरअसल, सरकार ने सभी स्कूली वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया था। साथ ही ड्राइवर व अटेंडेंट का पुलिस चरित्र सत्यापन भी आवश्यक किया गया है। अब तक दो हजार से अधिक बसों और छोटे यात्री वाहनों में ये उपकरण लगाए जा चुके हैं। यह अभियान 16 सितंबर से शुरू होना था, लेकिन बस संचालकों के आग्रह पर एक सप्ताह की मोहलत दी गई थी। अब 22 सितंबर से ट्रांसपोर्ट और ट्रैफिक पुलिस संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगी। बच्चों की डिजिटल निगरानी और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह जयपुर का अब तक का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है।

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