कर्मचारी महासंघ ने 7 दिन में भुगतान की मांग की, आंदोलन की चेतावनी
स्वास्थ्य संकट: राजस्थान में RGHS कैशलेस इलाज ठप
राजस्थान में 700 निजी अस्पतालों का करोड़ों का भुगतान बकाया होने से RGHS कैशलेस सुविधा बंद हो गई है। लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी इलाज के लिए भटक रहे हैं। कर्मचारी महासंघ ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है और तुरंत बकाया राशि जारी करने की मांग की है।
जयपुर । RGHS में कैशलेस इलाज ठप, लाखों कर्मचारी-पेंशनभोगी संकट में -कर्मचारी महासंघ ने 7 दिन में भुगतान की मांग की, आंदोलन की चेतावनी राजस्थान में RGHS (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) के तहत कैशलेस इलाज की व्यवस्था ठप होने से प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके आश्रित गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। निजी अस्पतालों द्वारा कैशलेस OPD, IPD और दवा सेवाएं बंद किए जाने से मरीजों को मजबूरन जेब से खर्च कर इलाज कराना पड़ रहा है।
कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रदेश के करीब 700 निजी अस्पतालों ने पिछले 8-9 महीनों से लंबित भुगतान के कारण सेवाएं बंद कर दी हैं। अस्पतालों का करोड़ों रुपये बकाया होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जो अब मार्च-अप्रैल 2026 में विकराल रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत यह है कि RGHS कार्डधारक अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। कैशलेस सुविधा बंद होने से OPD, IPD और दवाओं का पूरा खर्च मरीजों को खुद उठाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
महासंघ के अनुसार, हाल ही में एक चिकित्सक की गिरफ्तारी के विरोध में भी कई अस्पतालों ने सेवाएं रोक दी हैं, जिससे हालात और अधिक बिगड़ गए हैं। डॉक्टरों में भी इस मुद्दे को लेकर नाराजगी बनी हुई है। कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) ने सरकार से मांग की है कि निजी अस्पतालों का समस्त बकाया भुगतान 7 दिनों के भीतर किया जाए। साथ ही RGHS पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर कर व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। डॉक्टरों के साथ संवाद स्थापित कर गतिरोध समाप्

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